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रबी सीजन 2025-26 में बुवाई को मिली रफ्तार, अब तक 3.55% अधिक बुआई

Rabi season 2025-26

नई दिल्ली: देश में रबी सीजन 2025-26 के दौरान फसलों की बुवाई ने मजबूत गति पकड़ ली है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के ताजा अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, कुल रबी फसलों का सामान्य रकबा 637.81 लाख हेक्टेयर है, जबकि 23 जनवरी 2026 तक 660.48 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है। यह सामान्य स्तर से 22.67 लाख हेक्टेयर अधिक है, जो प्रतिशत के लिहाज से करीब 3.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। इसे रबी खेती के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पिछले रबी सीजन 2024-25 के फाइनल बुवाई आंकड़ों से तुलना करें तो इसी अवधि तक 642.24 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इस बार रकबा 18.24 लाख हेक्टेयर अधिक है, जो लगभग 2.84 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

गेहूं की बुवाई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

रबी फसलों में गेहूं का योगदान सबसे बड़ा रहा है। गेहूं का सामान्य रकबा 312.35 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 334.17 लाख हेक्टेयर में बुवाई दर्ज की गई है। यह सामान्य से 21.82 लाख हेक्टेयर अधिक और पिछले साल की तुलना में 6.13 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। गेहूं की यह मजबूत बुवाई देश की खाद्य सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

दलहनी फसलों में सीमित बढ़त

दलहनी फसलों की बात करें तो कुल दालों का सामान्य रकबा 140.42 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस सीजन में 137.55 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है। यह सामान्य से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में 3.61 लाख हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है। चना और मसूर की बुवाई में अच्छी प्रगति देखी गई है, जबकि उड़द, मूंग और कुल्थी जैसी कुछ दालों में हल्की गिरावट सामने आई है।

मोटे अनाज और श्री अन्न में बेहतर प्रदर्शन

मोटे अनाज और श्री अन्न की बुवाई में भी अच्छी तेजी देखी गई है। इनका सामान्य रकबा 55.33 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 60.70 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है। यह सामान्य से 5.37 लाख हेक्टेयर अधिक है। खासतौर पर मक्का और जौ की बुवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि ज्वार के रकबे में मामूली कमी आई है।

तिलहन फसलों ने बढ़ाई रबी की मजबूती

तिलहन फसलों का रकबा भी इस रबी सीजन में मजबूत रहा है। तिलहनों का सामान्य रकबा 86.78 लाख हेक्टेयर है, जबकि इस बार 97.03 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है। यह सामान्य से 10.25 लाख हेक्टेयर अधिक है। पिछले सीजन की तुलना में भी तिलहन क्षेत्र 3.45 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। सरसों और रेपसीड की मजबूत बुवाई इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण मानी जा रही है।

अनुकूल हालात बने किसानों के पक्ष में

कुल मिलाकर रबी सीजन 2025-26 में बुवाई न सिर्फ सामान्य रकबे से आगे निकल गई है, बल्कि पिछले साल के मुकाबले भी स्पष्ट बढ़त दर्ज की गई है। अनुकूल मौसम, मिट्टी में बेहतर नमी की स्थिति और बाजार से मिल रहे सकारात्मक संकेतों ने किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो आने वाले महीनों में उत्पादन के मोर्चे पर भी अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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