कृषि समाचार

छत्तीसगढ़: कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द

The exam was cancelled after allegations of question paper leak

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कृषि कीट विज्ञान परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही इंटरनेट माध्यमों और संदेश मंचों पर कथित तौर पर प्रश्न पत्र सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला लिया। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, जबकि तेलीबांधा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में कृषि कीट विज्ञान की परीक्षा 20 अगस्त को सुबह 10 बजे आयोजित होनी थी। परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र के कथित रूप से प्रसारित होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद विद्यार्थियों ने मामले पर चिंता जताते हुए जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग की। शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी। अब पांच सदस्यीय समिति पूरे मामले की जांच करेगी। समिति यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि प्रश्न पत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं, वह किस माध्यम से बाहर आया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

प्राथमिकी दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

तेलीबांधा थाने में मामले को लेकर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्न पत्र किस चरण में बाहर आया और वह विद्यार्थियों तक किस माध्यम से पहुंचा। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित प्रश्न पत्र को इंटरनेट माध्यमों और संदेश मंचों पर किसने प्रसारित किया। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि पांच सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रद्द की गई परीक्षा दोबारा आयोजित किए जाने की संभावना है। विद्यार्थियों को नई परीक्षा समय-सारणी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

विद्यार्थियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

कथित प्रश्न पत्र प्रसारित होने की खबर के बाद विद्यार्थियों में नाराजगी देखने को मिली। विद्यार्थियों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही प्रश्न पत्र इंटरनेट माध्यमों पर सामने आ गया था। विद्यार्थियों ने पूरे मामले की गहन जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी है और मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच होगी और जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब विश्वविद्यालय और पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि प्रश्न पत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं और इंटरनेट माध्यमों पर प्रसारित दस्तावेज परीक्षा के प्रश्न पत्र से किस तरह मेल खाता था। जांच के निष्कर्ष के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

ये भी पढ़ें: बाढ़-बरसात के बाद पशुशाला में संक्रमण रोकने के लिए रखें सफाई का ध्यान

Related posts

Leave a Comment