कृषि समाचार

पंजाब में समय से पहले गर्मी से गेहूं और मटर की फसल प्रभावित

Punjab experiences premature heat wheat crop

संगरूर: पंजाब में समय से पहले पड़ रही तेज गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। संगरूर जिले के गांव लड्डी में किसानों की गेहूं और हरे मटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। फरवरी महीने से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम के बदले मिजाज ने खेती की पूरी गणना ही बिगाड़ दी है। दरअसल, गेहूं की फसल को अच्छे उत्पादन के लिए मार्च महीने तक ठंडा मौसम चाहिए होता है, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी पड़ने लगी। इससे गेहूं के दाने पूरी तरह विकसित होने से पहले ही पकने लगे हैं, जिससे फसल की पैदावार में कमी आने की आशंका बढ़ गई है।

गेहूं की पैदावार में भारी गिरावट की आशंका

गांव के किसानों का कहना है कि इस बार उनकी गेहूं की पैदावार लगभग तीस प्रतिशत तक कम हो सकती है। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल पर खाद, बीज और सिंचाई के लिए काफी पैसा खर्च किया था, लेकिन मौसम के अचानक बदलने से अब उन्हें उम्मीद के मुताबिक उत्पादन मिलने की संभावना कम हो गई है। किसानों के अनुसार, आमतौर पर इस तरह की तेज गर्मी अप्रैल महीने में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तापमान काफी बढ़ गया है। इसका सीधा असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है और दाने पूरी तरह विकसित होने से पहले ही पकने लगे हैं।

मटर की फसल को भी हुआ नुकसान

गांव लड्डी के किसान चमकौर सिंह ने अपने खेत में लगभग ढाई एकड़ में हरे मटर की खेती की थी। उन्होंने बताया कि समय से पहले आई गर्मी ने मटर की फसल को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। मटर के दाने पूरी तरह विकसित होने से पहले ही सूख गए और उनका आकार भी छोटा रह गया। आमतौर पर मटर की फसल से अप्रैल महीने तक उत्पादन मिलता है, लेकिन इस बार उन्हें 13 मार्च को ही मजबूरी में फसल तुड़वानी पड़ रही है। इससे किसानों को उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता के स्तर पर भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गुणवत्ता गिरने से बाजार में कीमत भी कम

किसान चमकौर सिंह ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में बाजार में हरे मटर की कीमत लगभग 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल जाती है, लेकिन इस बार खराब गुणवत्ता के कारण उन्हें मटर आधे दाम पर बेचना पड़ रहा है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस मामले पर संगरूर के प्रखंड कृषि अधिकारी अमरजीत सिंह ने भी माना कि समय से पहले बढ़ी गर्मी का असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने किसानों को कुछ उपाय भी बताए हैं, जिनसे नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

प्रखंड कृषि अधिकारी के अनुसार किसान अपने खेतों में गेहूं की फसल पर उपयुक्त औषधि का छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा समय-समय पर हल्की सिंचाई करने से खेत में नमी बनी रहती है, जिससे तेज गर्मी के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है और फसल को बचाने में मदद मिल सकती है।

ये भी पढ़ें: प्रेशर सिंचाई प्रणाली से उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

Related posts

Leave a Comment