कृषि समाचार

मध्य प्रदेश में मूंग की खरीद बढ़ी, किसानों को सरकार की बड़ी राहत

Mung bean procurement increased in Madhya Pradesh

भोपाल, 30 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गठित मंत्री समूह और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच मंत्रालय में हुई बैठक के बाद कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि सरकार ने मूंग उपार्जन, स्लॉट बुकिंग और खाद वितरण व्यवस्था से जुड़े कई अहम निर्णय लिए हैं। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से अधिक संख्या में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा।

मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है। पहले निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाना था। किसान संगठनों के साथ हुई चर्चा के बाद राज्य सरकार ने पात्र किसानों से अब 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदने का निर्णय लिया है।

प्रमुख जिलों के किसानों को मिलेगा अधिक लाभ

सरकार के अनुसार नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह मात्रा औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर बैठती है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा।

स्लॉट बुकिंग और खरीदी की अवधि बढ़ाई गई

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। इसके साथ ही मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त के स्थान पर 20 अगस्त निर्धारित की गई है। इससे जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या स्लॉट बुकिंग नहीं कराई है, उन्हें अतिरिक्त समय मिल सकेगा।

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित

खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने फिलहाल इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था किसानों की सुविधा के लिए शुरू की गई थी, लेकिन प्रारंभिक चरण में कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आईं।

उच्च स्तरीय समिति करेगी व्यवस्था की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति किसानों की शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था लागू नहीं रहेगी।

आंदोलन के बीच सरकार ने दिया राहत का संदेश

सरकार का मानना है कि मूंग उपार्जन की सीमा बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग की अवधि में विस्तार और ई-टोकन व्यवस्था को अस्थायी रूप से रोकने जैसे फैसलों से किसानों को तत्काल राहत मिलेगी। हालांकि कई किसान संगठन अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की अपनी मांग पर कायम हैं और आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजर रहेगी।

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