नई दिल्ली: पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह बड़ी बात है कि उनके गाय-भैंस हर मौसम में अच्छा दूध दें। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम का असर दूध उत्पादन पर जरूर पड़ता है, लेकिन सही खानपान और संतुलित खुराक के जरिए इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि पशुओं को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर और संतुलित आहार दिया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पशुओं को सही मात्रा और सही प्रकार की खुराक दी जाए तो गर्मी हो या बरसात, दूध उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। हर उम्र और हर प्रकार के पशु के लिए अलग-अलग आहार निर्धारित होता है, जिसे अपनाना जरूरी है।
पशुओं की खुराक पर विशेषज्ञों की सलाह
पशु पोषण विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भोंसले के अनुसार गाय-भैंस, भेड़-बकरी सभी पशुओं से बेहतर उत्पादन लेने के लिए उनका खानपान संतुलित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पशुओं की अच्छी नस्ल के साथ-साथ उनका सही पोषण भी बेहद जरूरी है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक सामान्य तौर पर गाय-भैंस को रोजाना कम से कम 10 किलो हरा चारा और 5 किलो सूखा चारा देना चाहिए। इसके अलावा यदि कोई पशु 5 किलो दूध देता है तो उसे करीब 2.5 किलो खनिज मिश्रण भी देना जरूरी होता है। सही आहार देने से पशु स्वस्थ रहते हैं और उनका दूध उत्पादन भी बढ़ता है।
नस्ल सुधार से बढ़ेगा दूध उत्पादन
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीकों के जरिए पशुओं की नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन को और बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए उन्नत प्रजनन तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे अच्छी गुणवत्ता वाले पशु तैयार किए जा सकते हैं। देश में कई स्थानों पर ऐसे केंद्र संचालित हैं, जहां उच्च गुणवत्ता की प्रजनन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु तैयार करने में मदद मिल रही है और उत्पादन क्षमता भी बढ़ रही है। पशुपालन क्षेत्र में सही खुराक, बेहतर देखभाल और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और हर मौसम में स्थिर उत्पादन हासिल कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: यूरिया उत्पादन स्थिर, पश्चिम एशिया संकट का नहीं पड़ा असर
