मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले इस योजना के तहत पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 कर दिया गया है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बताया कि सभी पात्र किसान इस अतिरिक्त समय का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें, ताकि योजना के लाभ से कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक राज्य के 61.82 लाख किसान इस योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया
कृषि मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे। कई किसानों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ किसानों के आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार नहीं हो सके। इसके अलावा व्यक्तिगत कारणों से भी अनेक किसान आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने किसानों से अपील की कि अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद आवेदन में देरी न करें और समय रहते पंजीकरण पूरा कर लें।
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए बीमा का महत्व बढ़ा
कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। ऐसे समय में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा। यदि प्राकृतिक आपदाओं या प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को नुकसान होता है तो योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
अलग-अलग क्षेत्रों में आवेदन की स्थिति
कृषि विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक लाखों किसानों ने योजना में पंजीकरण कराया है।
- कोंकण – 1.02 लाख किसान
- नासिक – 3.33 लाख किसान
- पुणे – 6.08 लाख किसान
- कोल्हापुर – 2.40 लाख किसान
- छत्रपति संभाजीनगर – 13.25 लाख किसान
- लातूर – 2.43 लाख किसान
- अमरावती – 6.92 लाख किसान
- नागपुर – 4.53 लाख किसान
विभाग के अनुसार मराठवाड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक किसानों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है, जबकि कोंकण क्षेत्र से सबसे कम आवेदन प्राप्त हुए हैं।
आवेदन कैसे करें
जिन किसानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे योजना के आधिकारिक माध्यमों से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से भी आवेदन जमा कराया जा सकता है। जिन किसानों ने खेती के लिए बैंक से फसल ऋण लिया है, उन्हें अपने संबंधित बैंक से संपर्क कर आवेदन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। वहीं बिना फसल ऋण वाले किसान ऑनलाइन माध्यम या जन सेवा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, बाढ़, अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि, चक्रवात तथा अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के माध्यम से नुकसान की भरपाई के लिए बीमा सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे 10 अगस्त 2026 से पहले अपना आवेदन अवश्य पूरा कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें फसल नुकसान की स्थिति में बीमा का लाभ समय पर मिल सके। सरकार का मानना है कि समय पर पंजीकरण कराने से किसान प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आर्थिक संकट से काफी हद तक सुरक्षित रह सकेंगे।
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