कृषि समाचार

खरीफ 2025-26 की फसलों की खरीद को मंजूरी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ 2025-26 की फसलों की खरीद के लिए उत्तर प्रदेश और गुजरात में दलहन और तिलहन की सरकारी खरीद को मंजूरी दी है। इस फैसले से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने का अवसर मिलेगा। शिवराज सिंह ने कहा कि पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल होगी ताकि बिचौलियों को कोई फायदा न मिले और किसानों को सीधा लाभ पहुंचे।

यूपी में उड़द और तूर की 100% खरीद

कृषि मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में उड़द की 2,27,860 मीट्रिक टन उपज खरीदी जाएगी, जिसकी कीमत 1777.30 करोड़ रुपये होगी। तूर की 1,13,780 मीट्रिक टन उपज भी 100 प्रतिशत खरीदी जाएगी, जिसका मूल्य 910.24 करोड़ रुपये होगा। इसके अलावा, मूंग की 1,983 मीट्रिक टन (17.38 करोड़ रु.), तिल की 30,410 मीट्रिक टन (299.42 करोड़ रु.) और मूंगफली की 99,438 मीट्रिक टन (722.22 करोड़ रु.) खरीदने की भी मंजूरी दी गई है।

गुजरात में मूंगफली और सोयाबीन की बड़ी खरीद

गुजरात में उड़द की 47,780 मीट्रिक टन उपज (372.68 करोड़ रु.), सोयाबीन की 1,09,905 मीट्रिक टन (585.57 करोड़ रु.), मूंग की 4,415 मीट्रिक टन (38.71 करोड़ रु.) और मूंगफली की 12,62,163 मीट्रिक टन उपज खरीदी जाएगी, जिसकी कीमत 9,167.08 करोड़ रुपये रहेगी।

डिजिटल और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया

खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यूपी में 350 और गुजरात में 400 पीओएस मशीनों की तैनाती होगी। आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ही किसानों से खरीद की जाएगी। नेफेड और एनसीसीएफ को किसानों के पूर्व-पंजीकरण के लिए निर्देश दिए गए हैं, ताकि केवल पंजीकृत किसान ही एमएसपी पर फसल बेच सकें।

सीधे बैंक खाते में जाएगा पैसा

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया ई-समृद्धि और ई-सम्युक्ति पोर्टल पर डिजिटल होगी। इससे किसानों को अपनी फसल का भुगतान सीधे बैंक खाते में मिलेगा। जरूरत पड़ने पर खरीदी की स्वीकृत मात्रा में संशोधन भी किया जाएगा ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके।

बैठक में शामिल हुए मंत्री और अधिकारी

इस वर्चुअल बैठक में यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और गुजरात के कृषि मंत्री राघवजी पटेल भी मौजूद रहे। साथ ही केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारी एवं कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने भी हिस्सा लिया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था से हर पात्र किसान को सरकारी दर पर अपनी फसल बेचने और समय से भुगतान पाने का अधिकार मिलेगा।

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