अमृतसर: अमृतसर में एक बार फिर किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प के कारण इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। किसानों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से कई किसान घायल हो गए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल अधिकारियों को मांग पत्र सौंपकर शांतिपूर्वक धरना देना था। उन्होंने कहा कि किसानों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे स्थिति बिगड़ गई। उनका आरोप है कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और उन्हें प्रदर्शन से रोका जा रहा है।
प्रमुख मांगों को लेकर सरकार पर निशाना
किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका समझौता, बिजली संशोधन विधेयक, श्रम संहिता और बीज कानून को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन मुद्दों पर निर्णय लेने की मांग भी की है।
झड़प में किसान और पुलिसकर्मी घायल
रामतीर्थ मार्ग पर हुई झड़प के दौरान तीन से चार किसानों के घायल होने की खबर है, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। किसान नेता का दावा है कि लाठीचार्ज की शुरुआत पुलिस की ओर से हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बावजूद किसानों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
कई किसानों की गिरफ्तारी, रिहाई की मांग
किसान नेताओं के अनुसार पुलिस ने करीब दस किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया और लगभग पैंतीस से चालीस किसानों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें महिलाएं और एक सत्तर वर्ष की बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। किसानों ने गिरफ्तार साथियों की तुरंत रिहाई की मांग की है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे सड़क जाम नहीं करेंगे और बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि समाधान न मिलने पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
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