नई दिल्ली: बिना सड़े हुए पौधों के उस भाग को, जिसे हम मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में उपयोग करते हैं, उसे हरी खाद कहते हैं। हरी खाद जैविक खेती का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका मकसद नाइट्रोजन को मिट्टी में संपोषित करना और मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ यानी सॉइल ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा को बढ़ाना है ताकि कम रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जाए। यह खाद मिट्टी के लिए बहुत ही पोषणयुक्त होती है।
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Krishi Pitaara
कृषि पिटारा किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता हुआ एक भरोसेमंद कृषि मीडिया प्लेटफॉर्म है। यह यूट्यूब पर 1 लाख से अधिक सब्सक्राइबर के साथ-साथ जियो टीवी, एयरटेल एक्सट्रीम, न्यूज़ हंट और कई प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। कृषि पिटारा की पहचान विशुद्ध रूप से कृषि आधारित कार्यक्रमों से है, जो विशेषज्ञों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी और किसानों के वास्तविक अनुभव व फीडबैक पर आधारित होते हैं।
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