लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सरकार ने पशुपालकों को बड़ी राहत देते हुए पशुओं के लिए एंबुलेंस जैसी सुविधा शुरू की है। अब पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि चिकित्सकीय सेवा उनके घर तक पहुंचेगी। यूपी में पशुओं के लिए शुरू यह खास योजना पशुपालकों को बहुत बड़ी राहत पहुंचाने वाली है।
घर बैठे मिलेगा पशुओं का इलाज
पशुपालन विभाग के अनुसार इस सेवा के तहत पशुपालक एक विशेष दूरभाष संख्या पर संपर्क करके मोबाइल वैन को अपने घर बुला सकते हैं। यह वैन एक चलता-फिरता अस्पताल है, जिसमें पशु चिकित्सक, सहायक कर्मचारी और आवश्यक दवाइयां मौजूद रहती हैं। बीमार पशुओं का उपचार मौके पर ही किया जाता है और दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
मोबाइल वैन में मिलेंगी कई सुविधाएं
इस विशेष वाहन में छोटे ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण, मरहम-पट्टी और इंजेक्शन की व्यवस्था रहती है। साथ ही पशुओं को ड्रिप लगाने और आपातकालीन उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे पशुपालकों को त्वरित राहत मिलती है और पशुओं की जान बचाने में मदद मिलती है।
टीकाकरण और नस्ल सुधार की सुविधा
मोबाइल वैन के माध्यम से पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण भी किया जाएगा। खुरपका-मुंहपका और गलघोंटू जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित होगी। इसके अलावा पशुओं की नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
जांच के लिए उपलब्ध है छोटी प्रयोगशाला
यूपी में पशुओं के लिए शुरू हुई इस सेवा में पशुओं के खून और गोबर की जांच के लिए एक छोटी प्रयोगशाला की सुविधा भी दी गई है। इससे बीमारियों की पहचान तेजी से की जा सकेगी और समय पर उपचार संभव होगा।
दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत
यह सेवा खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए बेहद फायदेमंद है। डॉक्टर और चिकित्सा दल गांव-गांव जाकर पशुओं का इलाज करेंगे। बड़े पशुओं के उपचार के लिए नाममात्र शुल्क लिया जाएगा, जिससे यह सुविधा सभी के लिए सुलभ बन सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से पशुपालकों को समय पर इलाज मिल सकेगा और पशुधन की उत्पादकता में भी सुधार होगा।
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