नई दिल्ली: खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले सरकार ने किसानों को राहत देते हुए साफ कर दिया है कि देश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद सरकार ने भरोसा दिलाया है कि खाद आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है और किसानों को निर्धारित दरों पर ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
तय कीमतों पर ही मिलेगी खाद
उर्वरक विभाग के अनुसार किसानों को यूरिया और डीएपी जैसी प्रमुख खाद पहले से तय कीमतों पर ही मिलेंगी। 45 किलोग्राम यूरिया की कीमत 266.50 रुपये और 50 किलोग्राम डीएपी की कीमत 1350 रुपये रखी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, ताकि किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
आपूर्ति पर कड़ी निगरानी
खाद की आपूर्ति, उत्पादन, आयात और वितरण की निगरानी के लिए आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी स्तर पर कमी या बाधा की स्थिति पैदा न हो।
वैश्विक तनाव के बावजूद तैयारी मजबूत
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद सरकार ने घरेलू स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है, जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
बड़े पैमाने पर यूरिया आयात की योजना
देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर यूरिया आयात करने का फैसला लिया है। एक ही निविदा में लगभग 25 लाख टन यूरिया आयात किया जाएगा, जो कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा है। इससे खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सब्सिडी पर बढ़ सकता है दबाव
विदेशों से ऊंची कीमतों पर खाद खरीदने के कारण सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इसके बावजूद सरकार किसानों को राहत देने के लिए कम कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराने के अपने फैसले पर कायम है। सरकार की तैयारी यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी या महंगाई का सामना न करना पड़े और खेती का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
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