लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की किसानों को डिजिटल पहचान देने की पहल ‘फार्मर रजिस्ट्री’ लगातार सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। यूपी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर किसानों में एक जोश देखा जा रहा है। 17 मार्च 2026 की शाम तक प्रदेश में कुल 1,69,95,418 किसानों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। यह संख्या लक्ष्य का 74.46 प्रतिशत है, जो इस अभियान की तेज प्रगति को दर्शाती है।
जिलों की रैंकिंग में रामपुर सबसे आगे
कृषि विभाग के अनुसार जिलेवार रैंकिंग में रामपुर 100.03 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद गाजियाबाद 94.06 प्रतिशत के साथ दूसरे और अंबेडकर नगर 90.46 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर हैं। एटा और बाराबंकी भी क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। प्रदेश में विशेष अभियान के तहत एक ही दिन में 30,654 नई किसान पहचान संख्या बनाई गईं। इनमें सेवा केंद्रों, स्वयं पंजीकरण, सहायक और शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों ने भागीदारी की।
कुल किसान पहचान संख्या दो करोड़ के करीब
अब तक प्रदेश में कुल 1,99,42,798 किसान पहचान संख्या तैयार की जा चुकी हैं। इनमें बड़ी संख्या में वे किसान भी शामिल हैं जो किसी योजना के लाभार्थी नहीं थे। वहीं वर्तमान में 3,21,882 किसानों के आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक दिन में पंजीकरण में तेजी
पिछले दिनों के आंकड़ों के अनुसार 11 मार्च को सबसे अधिक 43,329 किसान पहचान संख्या तैयार की गई थीं। शिविरों के माध्यम से पंजीकरण में भी तेजी आई है, जिससे दूर-दराज के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सत्यापन प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि शेष किसानों को भी जल्द इस व्यवस्था से जोड़ा जा सके। इस डिजिटल प्रणाली से भविष्य में खाद, बीज और अनुदान का वितरण अधिक पारदर्शी और आसान होगा।
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया
यूपी में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया किसान घर बैठे भी पूरा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नया खाता बनाना होगा। आधार संख्या और उससे जुड़े मोबाइल पर प्राप्त सत्यापन संकेत अंक दर्ज करने के बाद आवश्यक जानकारी भरनी होगी। जमीन, फसल और बैंक खाते का विवरण सही-सही दर्ज करने के बाद आवेदन जमा किया जा सकता है। पंजीकरण के बाद प्राप्त नामांकन संख्या को सुरक्षित रखना जरूरी है, जिससे आवेदन की स्थिति बाद में देखी जा सके।
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