कृषि समाचार

मखाना पर फॉल आर्मी वर्म का खतरा, वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी

fall army worm attack on makhana

पटना: देश में सुपर फूड के रूप में पहचान बना चुके मखाना की खेती अब एक नए संकट का सामना कर रही है। पहली बार मखाना फसल पर फॉल आर्मी वर्म नामक खतरनाक कीट के प्रकोप की पुष्टि हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा समस्तीपुर के वैज्ञानिकों ने इस खतरे को गंभीर बताते हुए किसानों को सतर्क रहने और तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी है।

पहली बार मखाना फसल पर दिखा खतरनाक कीट

वैज्ञानिकों के अनुसार अब तक फॉल आर्मी वर्म का प्रकोप मुख्य रूप से मक्का, धान और अन्य फसलों पर देखा जाता था, लेकिन अब यह मखाना फसल को भी तेजी से नुकसान पहुंचा रहा है। इस कीट की मौजूदगी भारत में वर्ष 2018 में पहली बार दर्ज की गई थी, जिसके बाद इसका दायरा लगातार बढ़ता गया है।

इन जिलों में बढ़ा प्रकोप

बिहार के मधुबनी जिले के कई इलाकों में मखाना की फसल पर इस कीट का हमला सामने आया है, जहां बड़े पैमाने पर खेती होती है। इसके अलावा दरभंगा जिले के कुछ गांवों में भी फसल प्रभावित होने की जानकारी मिली है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कीट सीमावर्ती पौधों से हमला शुरू कर धीरे-धीरे पूरी फसल में फैल जाता है।

कैसे पहचानें और कितना खतरनाक

इस कीट की इल्ली पत्तियों को तेजी से खाकर नुकसान पहुंचाती है। पत्तियों में छेद होना और खुरचन जैसे लक्षण इसके प्रमुख संकेत हैं। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह फसल की उत्पादकता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

बचाव और नियंत्रण के उपाय

विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेत और तालाब के आसपास उगी खरपतवार की नियमित सफाई करें और सीमावर्ती पौधों की निगरानी बढ़ाएं। खेत की मेड़ों के चारों ओर प्लास्टिक शीट लगाने से भी इस कीट के फैलाव को रोका जा सकता है।

रासायनिक नियंत्रण के लिए जरूरत पड़ने पर निर्धारित मात्रा में उपयुक्त दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही, किसानों को निर्देश दिया गया है कि जैसे ही 10 से 20 प्रतिशत पौधों पर प्रकोप दिखाई दे, तुरंत नियंत्रण उपाय शुरू कर दें।

वैज्ञानिकों ने दी सतर्क रहने की सलाह

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कीट तेजी से फैलता है और समय पर रोकथाम न होने पर बड़े पैमाने पर नुकसान कर सकता है। इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत कृषि वैज्ञानिकों या नजदीकी कृषि केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है, ताकि फसल को सुरक्षित रखा जा सके।

ये भी पढ़ें: आंधी और बारिश से आम के बाग पर खतरा, किसानों को सतर्कता जरूरी

Related posts

Leave a Comment