कृषि समाचार

कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से फसलें बर्बादी के कगार पर

bitter cold

नई दिल्ली: देश के लगभग सभी राज्यों में पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण ठंड अब किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते किसानों की फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं। खास तौर पर लाही, मटर और आलू की तैयार फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, लगातार गिरते तापमान और कोहरे ने आम जनजीवन को भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं, जहां घना कोहरा पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले चुका है।

फसलों के नुकसान को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता

पर्वतीय इलाकों में हो रही भारी बर्फबारी के कारण ठंड ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में लगातार एक सप्ताह से छाया घना कोहरा ठंड को और बढ़ा रहा है। इस दोहरी मार से जहां आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं किसानों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है। खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका है।

सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट होने की आशंका

पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे किसान अब प्रकृति की इस मार से पूरी तरह टूटते नजर आ रहे हैं। लगातार ठंड और कोहरे के कारण सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई हैं। विशेष रूप से मटर, लाही और आलू की फसलें कोहरे और पाले की चपेट में आकर झुलसने लगी हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

कोहरे की चपेट में उधम सिंह नगर

इस समय उधम सिंह नगर जिला पूरी तरह घने कोहरे की जद में है। हालात ऐसे हैं कि दिन में भी रात जैसा मंजर दिखाई दे रहा है। दृश्यता बेहद कम हो गई है और वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। हाड़ कंपाने वाली ठंड से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाने को मजबूर हैं।

जनजीवन अस्त-व्यस्त, बच्चे भी प्रभावित

घने कोहरे और भीषण ठंड के कारण सड़कों पर चलना बेहद जोखिम भरा हो गया है। आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी इस ठंड में स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। मौसम की यह मार जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, वहीं किसानों के लिए यह ठंड और कोहरा एक बड़े आर्थिक संकट का संकेत बनता जा रहा है।

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