मुंबई, 29 जुलाई 2026: महाराष्ट्र सरकार ने फसल ऋण माफी योजना को लेकर किसानों को बड़ा आश्वासन दिया है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा है कि योजना के दायरे में आने वाले प्रत्येक पात्र किसान को सरकार द्वारा घोषित राहत का पूरा लाभ दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की चिंता नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचा रही है। यदि किसी किसान के ऋण खाते में प्रारंभिक चरण में पूरी राशि दिखाई नहीं देती है, तो उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि शेष पात्र राशि का समायोजन भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
राष्ट्रीयकृत बैंकों को सरकार की सख्त चेतावनी
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और राष्ट्रीयकृत बैंकों के बीच हुए समझौते के अनुसार सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई बैंक किसानों को गलत जानकारी देता है या उन्हें गुमराह करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध राज्य सरकार तत्काल कार्रवाई करेगी।
पहले दो लाख रुपये तक के फसल ऋण वाले किसानों को राहत
मंत्री के अनुसार योजना के पहले चरण में लगभग 31 लाख किसानों को शामिल किया गया है। इनमें से करीब 16 से 17 लाख किसानों को लाभ देने की प्रक्रिया जारी है। सरकार की प्राथमिकता सबसे पहले उन किसानों को राहत देने की है, जिन पर दो लाख रुपये तक का फसल ऋण बकाया है। इसके बाद एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत दो लाख रुपये से अधिक ऋण वाले किसानों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
ई-केवाईसी पूरा करने वाले किसानों को मिलेगा जल्द लाभ
कृषि मंत्री ने बताया कि अब तक लगभग पांच लाख किसानों ने अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। इससे उनके खातों में सहायता राशि जारी करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्याओं के समाधान और किसानों में बढ़ती जागरूकता के कारण प्रतिदिन ई-केवाईसी पूरा करने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
56 लाख किसानों तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की फसल ऋण माफी योजना के माध्यम से 56 लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री ने कहा कि यदि किसी किसान के नाम, अभिलेख या पात्रता सूची में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे समय पर ठीक किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो लाख रुपये तक के पात्र फसल ऋण वाले किसानों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान का बोझ नहीं डाला जाएगा।
आधुनिक खेती अपनाने की किसानों से अपील
दत्तात्रेय भरणे ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उनका कहना है कि आने वाले समय में नई तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक लाभकारी बनेगी। आधुनिक तकनीक आधारित खेती अपनाने से उत्पादन बढ़ेगा, लागत कम होगी और किसानों को बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
हाल ही में बदले गए योजना के नियम
राज्य सरकार ने हाल ही में फसल ऋण माफी योजना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। पात्रता से जुड़ी कई प्रमुख शर्तों में राहत दी गई है। वर्ष 2019 की ऋण माफी योजना से जुड़े लाभार्थियों पर लागू 50 हजार रुपये की सीमा जैसी शर्त को भी समाप्त कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों के बाद पहले की तुलना में अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
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