बिहार के किसान अब तेजी से बागवानी फसलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, और इस दिशा में राज्य सरकार भी उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार ने बागवानी के विकास को बढ़ावा देने के लिए बागवानी विकास योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत किसानों को फल-फूल और सब्जियों की खेती में सहूलत देने के लिए प्लास्टिक क्रेट, लेनो बैग और फ्रूट ट्रैप बैग पर भारी सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस कदम से किसानों को अपनी फसलों की तुड़ाई और बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
क्या है सब्सिडी का लाभ?
बिहार कृषि विभाग द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, बागवानी विकास योजना के तहत सरकार किसानों को निम्नलिखित सामानों पर सब्सिडी दे रही है:
- प्लास्टिक क्रेट: इसका अनुमानित मूल्य 400 रुपये है। इस पर सरकार 80 प्रतिशत यानी 320 रुपये की सब्सिडी देगी, जिसके बाद किसान इसे केवल 40 रुपये में प्राप्त कर सकेंगे।
- लेनो बैग: इसकी कीमत 20 रुपये है, जिस पर सरकार 80 प्रतिशत यानी 16 रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी, जिससे किसान इसे सिर्फ 4 रुपये में प्राप्त कर सकेंगे।
- फ्रूट ट्रैप बैग: इसकी कीमत 30 रुपये है, जिस पर सरकार 50 प्रतिशत यानी 15 रुपये की सब्सिडी देगी, और किसान इसे केवल 15 रुपये में प्राप्त कर सकेंगे।
आवेदन की प्रक्रिया
राज्य के किसान जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 5 मार्च से शुरू हो गई है और यह 15 मार्च तक जारी रहेगी। इस योजना में लाभार्थियों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
किसान न्यूनतम 10 और अधिकतम 50 प्लास्टिक क्रेट, 100 से 1000 लेनो बैग, और 300 से 10,000 फ्रूट ट्रैप बैग के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले बिहार कृषि ऐप को Google Play Store से डाउनलोड करें।
- इसके बाद, DBT लिंक मोबाइल नंबर के साथ लॉगिन करें।
- लॉगिन करने के बाद “उद्यान विकास योजना” के तहत प्लास्टिक क्रेट, लेनो बैग और फ्रूट ट्रैप बैग के लिए आवेदन करें।
- आवश्यक जानकारी भरकर अपना आवेदन जमा करें।
किसानों के लिए जानकारी
यदि आप बिहार के किसान हैं और प्लास्टिक क्रेट, लेनो बैग और फ्रूट ट्रैप बैग पर सब्सिडी लेना चाहते हैं, तो आपको बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट या अपने जिले के कृषि या बागवानी विभाग से संपर्क करना होगा। इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिए आप विभाग के कार्यालय में भी जा सकते हैं।
यह योजना बिहार के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे उन्हें बागवानी फसलों के उत्पादन और विपणन में मदद मिलेगी। सरकार की इस पहल से किसानों को न केवल अपनी फसलों की तुड़ाई में सहूलत मिलेगी, बल्कि बागवानी के क्षेत्र में उनकी आय भी बढ़ सकती है।
