नई दिल्ली: राजधानी और आस पास के इलाकों का दम घोंटने वाली पराली की आग का असर इस साल कम रहा है। पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक इस साल खरीफ के सीजन के बाद पिछले साल के मुकाबले पराली में आग लगाने की घटनाएँ 31 प्रतिशत कम रही हैं। मंत्रालय के मुताबिक ये कमी केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा उठाए गए कदमों की वजह से देखने को मिली है। इन कदमों में व्यापक जागरुकता अभियान और पराली के अन्य कारगर उपयोगों को बढ़ावा देना शामिल है। मंत्रालय के मुताबिक घटनाओं में कमी का असर देखने को मिल रहा है और इस साल नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा का औसत स्तर पिछले साल के मुकाबले बेहतर हुआ है। सरकार के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के एनसीआर जिलों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले साल के 78,550 से घटकर 2022 में 53,792 हो गई हैं। यानी एक साल के दौरान इसमें 31.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
previous post
next post
Krishi Pitaara
कृषि पिटारा किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता हुआ एक भरोसेमंद कृषि मीडिया प्लेटफॉर्म है। यह यूट्यूब पर 1 लाख से अधिक सब्सक्राइबर के साथ-साथ जियो टीवी, एयरटेल एक्सट्रीम, न्यूज़ हंट और कई प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। कृषि पिटारा की पहचान विशुद्ध रूप से कृषि आधारित कार्यक्रमों से है, जो विशेषज्ञों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी और किसानों के वास्तविक अनुभव व फीडबैक पर आधारित होते हैं।
Related posts
Click to comment
