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कृषि बजट पर पीएम मोदी का वेबिनार, प्राकृतिक खेती और तकनीक पर जोर

Agriculture Budget narendra modi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि बजट से जुड़े प्रावधानों को लेकर आयोजित एक वेबिनार में देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण के दौरान देशभर के विशेषज्ञों और हितधारकों से मिले सुझावों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बजट में किए गए प्रावधानों का अधिकतम लाभ किसानों और आम लोगों तक पहुंचे। प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट की हर योजना का पूरा लाभ देश को मिले, इसके लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझाव और अनुभव बेहद अहम हैं। उन्होंने वेबिनार में भाग लेने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे बजट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने विचार और सुझाव साझा करें।

कृषि अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि, कारीगर और पारंपरिक कौशल से जुड़े क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक विकास यात्रा में कृषि एक रणनीतिक स्तंभ के रूप में उभर रही है। सरकार ने पिछले वर्षों में कई ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे किसानों के सामने आने वाले जोखिम कम हुए हैं और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है। उन्होंने बताया कि देश में दालों और तिलहन के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।

किसानों की आय और सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में सुधार के कारण किसानों को लागत से डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है। कृषि ऋण की संस्थागत पहुंच अब 75 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया जा चुका है। इन प्रयासों के कारण किसानों का जोखिम कम हुआ है और उन्हें बुनियादी आर्थिक सुरक्षा मिली है।

खेती को निर्यात उन्मुख बनाने की पहल

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे में भारत की खेती को निर्यात उन्मुख बनाना जरूरी है। भारत में विविध जलवायु परिस्थितियां और अनेक कृषि जलवायु क्षेत्र मौजूद हैं, जिनका उपयोग कर कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बजट में उच्च मूल्य वाली खेती पर विशेष ध्यान दिया गया है। केरल और तमिलनाडु के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों की विशेष फसलों को भी प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा गया है।

प्राकृतिक खेती और रसायन मुक्त उत्पादन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और प्राकृतिक तथा रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत को प्राकृतिक खेती और रसायन मुक्त उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ना होगा। सरकार इस दिशा में प्रमाणन व्यवस्था और परीक्षण प्रयोगशालाओं के विकास पर भी काम कर रही है ताकि किसानों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद मिल सके।

कृषि में तकनीक और डिजिटल पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तकनीक का युग है और सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। राष्ट्रीय कृषि बाजार के माध्यम से किसानों को देशभर के बाजारों तक पहुंच मिल रही है। सरकार कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित कर रही है। इसके तहत किसानों की डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है और अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की किसान पहचान बनाई जा चुकी है।

दुग्ध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य पर ध्यान

कृषि बजट पर आयोजित वेबिनार में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस क्षेत्र में और प्रगति की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने वैज्ञानिक प्रबंधन और पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव के लिए देशभर में 125 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं, जिससे पशुधन की सुरक्षा मजबूत हुई है।

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