नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब धीरे-धीरे देश से विदाई लेने लगा है। मंगलवार को यह बाढ़ग्रस्त पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों से पीछे हट चुका है और आने वाले दिनों में अन्य हिस्सों से भी लौटने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, फिलहाल मॉनसून की वापसी की रेखा बठिंडा, फतेहाबाद, पिलानी और अजमेर से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों में पंजाब और हरियाणा के बाकी हिस्सों से भी मॉनसून के पीछे हटने का अनुमान है।
पंजाब-हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 17 और 19 सितंबर को पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 18 सितंबर को कुछ स्थानों पर ज्यादा बारिश की संभावना है। गौरतलब है कि बाढ़ से प्रभावित पंजाब में इस साल अगस्त माह में 253.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 74% अधिक और पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक है। वहीं हरियाणा में अगस्त में 194.5 मिमी वर्षा हुई, जो औसत 147.7 मिमी से करीब 32% ज्यादा रही। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 25 सालों में केवल पांच बार ही अगस्त महीने में पंजाब और हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
पंजाब इस साल दशकों की सबसे भीषण बाढ़ से जूझा। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों में हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते उफान आ गया। इस बाढ़ में पंजाब में 56 लोगों की जान गई और लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। हरियाणा के भी कई हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे किसानों और आम जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
देशभर में भारी बारिश
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देश के कई राज्यों में जोरदार बारिश हुई है।
- उत्तराखंड और मेघालय में अति भारी वर्षा (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल (उप-हिमालयी), ओडिशा, बिहार, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायलसीमा में कई इलाकों में बहुत भारी बारिश हुई।
- आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार, गंगीय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, सिक्किम, महाराष्ट्र, मणिपुर, असम, कोंकण, मध्य प्रदेश, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई।
कई वेदर सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग ने बताया कि इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में कई तरह की मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं।
- उत्तर प्रदेश के उत्तर-मध्य क्षेत्र, झारखंड, विदर्भ और असम के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
- झारखंड से पूर्वी बांग्लादेश तक एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
- दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक उत्तर-दक्षिण ट्रफ बनी हुई है।
इन मौसमी प्रणालियों के चलते आने वाले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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