खेती-किसानी

अक्टूबर में इन सब्जियों की खेती से किसानों की होगी तगड़ी कमाई

नई दिल्ली: अक्टूबर का महीना न सिर्फ मौसम में बदलाव लेकर आता है, बल्कि यह सब्जी की खेती के लिए भी बेहद अनुकूल माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस महीने की गई बुवाई से कई हरी सब्जियां एक से दो महीने में तैयार हो जाती हैं, जिससे किसान भाइयों को बाजार में अच्छा दाम मिल सकता है। इस समय पालक, चुकंदर, प्याज, ब्रोकली, मूली, गाजर, फूलगोभी और मटर की खेती करना लाभदायक होता है।

पालक की खेती अक्टूबर में बेहद आसान और फायदेमंद होती है। पालक जल्दी तैयार होने वाली फसल है और इसकी लागत भी कम आती है। ठंडे मौसम में पालक की पत्तियां अच्छी बढ़ती हैं और पूसा पालक, ऑलग्रीन, पूसा हरित और पूसा ज्योति जैसी किस्मों से किसान अच्छी उपज ले सकते हैं।

चुकंदर की खेती के लिए अक्टूबर का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय न ज्यादा ठंड होती है और न ही गर्मी, जिससे बीजों का अंकुरण और पौधों की वृद्धि अच्छी होती है। अक्टूबर में बोया गया चुकंदर बेहतर गुणवत्ता का होता है और इसकी बाजार में अधिक मांग रहती है। एक हेक्टेयर में किसान 30 से 40 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं।

प्याज की बुवाई भी अक्टूबर में लाभकारी होती है। इसके लिए लाल दोमट और काली मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। 6.5 से 7.5 पीएच मान वाली मिट्टी प्याज के लिए आदर्श होती है। बुवाई से पहले मिट्टी की जांच करना जरूरी है ताकि अच्छी पैदावार मिल सके।

ब्रोकली की खेती अक्टूबर-नवंबर में नर्सरी बनाकर आसानी से की जा सकती है। इसकी नर्सरी चार से पांच हफ्ते में रोपाई के लिए तैयार हो जाती है और रोपाई के करीब 60 से 65 दिनों में फसल बाजार में बिकने लायक हो जाती है। ब्रोकली की मांग ठंड के मौसम में काफी अधिक रहती है और किसान इससे प्रति हेक्टेयर 19 से 24 टन तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

मूली की खेती के लिए अक्टूबर का महीना बेहद अनुकूल है। इस समय बोई गई मूली की जड़ें बेहतर विकसित होती हैं और जल्दी तैयार हो जाती हैं। अगेती किस्में 40 से 45 दिनों में तैयार हो जाती हैं और किसान एक हेक्टेयर में 150 से 300 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं।

गाजर भी अक्टूबर में उगाने पर बेहतरीन पैदावार देती है। इस महीने का मौसम जड़ों के विकास के लिए बिल्कुल सही होता है। गाजर की फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 20 से 30 टन तक उत्पादन देती है। उचित देखभाल करने पर यह पैदावार 40 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है।

फूलगोभी की खेती अक्टूबर में करने पर किसानों को खास लाभ होता है। इस महीने बोई गई फूलगोभी की कुछ किस्में कम समय में तैयार हो जाती हैं और 40 से 45 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देती हैं।

मटर की बुवाई भी अक्टूबर में करना लाभकारी है, बशर्ते खेत में नमी हो और बारिश की संभावना न हो। अगर बुवाई के तुरंत बाद बारिश हो जाए तो बीज सड़ने का खतरा रहता है। सही देखभाल के साथ अक्टूबर में बोई गई मटर किसानों को अच्छी आय दे सकती है।

कुल मिलाकर, अक्टूबर का महीना किसानों के लिए सब्जी की खेती का सुनहरा अवसर है। इस समय की गई खेती से किसान न सिर्फ कम लागत में अच्छी पैदावार ले सकते हैं, बल्कि सब्जियों की बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर अधिक मुनाफा भी कमा सकते हैं।

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