नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों किसान इन दिनों प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 20वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब तक इस योजना के तहत किसानों को 19 किस्तें मिल चुकी हैं, लेकिन अगली यानी 20वीं किस्त को लेकर अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। इस अनिश्चितता के बीच किसानों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। हर बार किस्त जारी होने से पहले केंद्र सरकार पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट या एक्स हैंडल के माध्यम से तारीख की घोषणा करती है, लेकिन फिलहाल कोई सूचना सामने नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल लगातार बना हुआ है कि 20वीं किस्त आखिर कब आएगी। इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 2 अगस्त को इस किस्त को जारी कर सकते हैं।
इस अटकल को बल इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि 2 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर जा रहे हैं। उनके इस दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के लिए कई बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है। खबरों के मुताबिक, पीएम वाराणसी में एक भव्य कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के लिए एक हजार करोड़ रुपये की सौगात दे सकते हैं। ऐसे में यह भी उम्मीद की जा रही है कि इस दिन प्रधानमंत्री किसान योजना की अगली किस्त भी जारी कर दी जाएगी। हालांकि, अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है – प्रत्येक चार महीने पर 2,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। यह सहायता किसानों के लिए खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों में खर्च करने के लिए उपयोगी साबित होती है। सरकार की इस योजना से अब तक लाखों किसानों को सीधा लाभ मिल चुका है।
वर्तमान में जिन किसानों ने पहले ही योजना में पंजीकरण करा रखा है, वे 20वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिन किसानों ने अब तक इस योजना में नामांकन नहीं कराया है, उनके पास भी अभी मौका है। नए किसान यदि पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो वे रजिस्ट्रेशन कराकर आने वाली किस्तों का लाभ ले सकते हैं। नए किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद सरल है। किसान चाहें तो पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर ऑफलाइन प्रक्रिया से जुड़ सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि दस्तावेज जैसे खसरा-खतौनी आदि की जानकारी देनी होती है। आधार से ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद पूरा आवेदन राज्य नोडल अधिकारी (SNO) के पास वेरिफिकेशन के लिए जाता है। स्वीकृति मिलने पर किसान का नाम लाभार्थी सूची में जुड़ जाता है और अगली किस्तों का लाभ मिलने लगता है।
हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की ओर से ही आएगा और किसानों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल या सरकारी एक्स हैंडल पर साझा की गई जानकारी पर ही भरोसा करें। जब तक आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हो जाती, तब तक केवल कयास ही लगाए जा सकते हैं। किसानों को सलाह है कि वे समय पर अपने खाते और दस्तावेजों को अपडेट रखें ताकि कोई तकनीकी कारण उनके भुगतान में बाधा न बने। इस बीच देशभर के किसान 2 अगस्त की ओर उम्मीद से देख रहे हैं, यह मानते हुए कि शायद इस दिन प्रधानमंत्री के हाथों से उन्हें अगली किस्त की सौगात मिल जाए।
