मौसम का हाल

पश्चिमी विक्षोभ की वजह से इन हिस्सों में बारिश-बर्फबारी और कोहरे की चेतावनी

Western Disturbance

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम तेजी से करवट बदल रहा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को कई राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है और किसानों व आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 जनवरी, 2026 को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है। इससे पहले 27 जनवरी को उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी क्षेत्रों और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। कई स्थानों पर isolated यानी छिटपुट रूप से ओले गिरने की आशंका बनी हुई है।

कोहरा और विजिबिलिटी पर असर

पिछले 24 घंटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सरसावा IAF में दृश्यता शून्य रही, जबकि नजीबाबाद में यह 150 मीटर रही। पंजाब के पटियाला में 50 मीटर और लुधियाना में 200 मीटर दृश्यता रिकॉर्ड की गई। मेघालय के बरापानी में 100 मीटर तथा पूर्व मध्य प्रदेश के रीवा और खजुराहो में 50 से 199 मीटर के बीच दृश्यता दर्ज की गई।

तापमान की मौजूदा स्थिति

पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठंड का प्रकोप बढ़ा है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान राजस्थान के अलवर में 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक रहा।

अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 जनवरी को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक भी हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 27 जनवरी को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 और 28 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में isolated रूप से ओलावृष्टि हो सकती है।

नया पश्चिमी विक्षोभ फिर करेगा असर

मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से 1 और 2 फरवरी को हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में scattered यानी बिखरी हुई बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है।

न्यूनतम तापमान में बदलाव का अनुमान

आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, इसके बाद धीरे-धीरे तापमान बढ़ने की संभावना है। मध्य भारत में अगले दो दिनों में 2 से 4 डिग्री की गिरावट और बाद में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी हल्की गिरावट के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।

कोहरा और कोल्ड वेव की चेतावनी

28 से 30 जनवरी के बीच हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाने की संभावना है। 29 से 31 जनवरी के दौरान हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक ठंड यानी कोल्ड वेव का असर हो सकता है। 28 से 31 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कोल्ड वेव को लेकर चेतावनी जारी की गई है। 27 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठंडा दिन रहने की संभावना जताई गई है।

सतर्क रहने की सलाह

27 और 28 जनवरी को उत्तर भारत में मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। घना कोहरा, बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने और आम लोगों को यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 30 जनवरी से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है।

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