कृषि समाचार

यूपी में फसल नुकसान पर राहत तेज, किसानों को जल्द मुआवजा

UP crop damage compensation

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आगजनी की घटनाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने मुआवजा प्रक्रिया तेज कर दी है। गुरुवार को जारी बयान में कहा गया कि प्रभावित किसानों को अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्र में सक्रिय रहकर फसलों के नुकसान का तुरंत आकलन करें और यह सुनिश्चित करें कि राहत सामग्री समय पर सभी जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे।

आग और ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2026-27 की अवधि में आग लगने की घटनाओं से बाराबंकी, बलिया, बांदा, महाराजगंज, मथुरा, पीलीभीत, रामपुर और सोनभद्र सहित आठ जिलों में 111.134 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। कुल 668 प्रभावित किसानों में से अब तक 51 किसानों को 1,81,963 रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है।

वहीं ओलावृष्टि के कारण मथुरा, जालौन, हरदोई, बुलंदशहर, औरैया, संभल, शाहजहांपुर, आगरा, अलीगढ़, कन्नौज, ललितपुर, सहारनपुर और उन्नाव सहित 13 जिलों में 38,369.72 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इनमें 1,07,104 किसानों में से 23,983 किसानों को अब तक 14,92,60,448 रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

बेमौसम बारिश से भी असर

बेमौसम और भारी बारिश के चलते कानपुर देहात, शाहजहांपुर, रामपुर, जालौन, बुलंदशहर, गोंडा, मथुरा, पीलीभीत और सहारनपुर जिलों में 1,358.678 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों के 3,920 प्रभावित किसानों में से 1,849 किसानों को 1,09,87,132 रुपये की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। सरकार ने कहा है कि नुकसान के आकलन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और शेष प्रभावित किसानों को भी जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा से प्रभावित किसानों, घायलों और पशुहानि के मामलों में मुआवजा देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त सर्वे कर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।

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