नई दिल्ली: किसानों के लिए खेती में डीजल का खर्चा कुल लागत का सबसे बड़ा हिस्सा बनता जा रहा है। बुवाई से लेकर कटाई और उपज की मंडी तक ढुलाई – हर चरण में ट्रैक्टर और मशीनों के लिए डीजल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर ट्रैक्टर से डीजल की बचत हो जाए, तो खेती की लागत में बड़ी कटौती संभव है। हालांकि कुछ किसान अच्छे माइलेज वाले ट्रैक्टर खरीद लेते हैं, लेकिन सही संचालन तकनीक की जानकारी न होने से ईंधन की खपत कम नहीं कर पाते। अब जब खरीफ सीजन अपने चरम पर है, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि ट्रैक्टर को किस तरीके से चलाया जाए ताकि माइलेज बेहतर हो और डीजल की खपत घटे।
फ्यूल इंजेक्टर की जांच है जरूरी
ट्रैक्टर से ज्यादा माइलेज लेने की पहली शर्त यह है कि उसका फ्यूल इंजेक्टर पूरी तरह दुरुस्त हो। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर ट्रैक्टर साधारण लोड पर भी काला धुआं छोड़ता है, इंजन में कंपन बढ़ गया है या पिकअप कमजोर हो रहा है, तो यह संकेत हैं कि फ्यूल इंजेक्टर में गड़बड़ी है। ऐसी स्थिति में डीजल पूरी तरह नहीं जलता और इंजन पर दबाव बढ़ता है, जिससे डीजल की बर्बादी होती है। समय रहते इंजेक्टर की सर्विसिंग कराई जाए, तो न सिर्फ डीजल बचेगा बल्कि इंजन की उम्र भी बढ़ेगी।
PTO शाफ्ट को अनावश्यक न चलाएं
कई किसान यह भूल जाते हैं कि ट्रैक्टर के पीछे लगी PTO (पावर टेक-ऑफ) शाफ्ट सिर्फ तभी इस्तेमाल होनी चाहिए जब उससे कोई उपकरण चलाना हो। अगर PTO का लीवर चालू रह गया और उस पर कोई मशीन नहीं लगी, तो वह बेवजह घूमती रहेगी और इंजन पर अतिरिक्त लोड डालेगी। इसका सीधा असर डीजल की खपत पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि PTO का सही ढंग से उपयोग करने पर 15% से 20% तक डीजल की बचत संभव है।
लंबाई में चलाएं ट्रैक्टर, चौड़ाई में नहीं
खेत की जुताई या बुवाई के समय ट्रैक्टर को खेत की लंबाई में चलाना अधिक लाभकारी होता है। अगर ट्रैक्टर को खेत की चौड़ाई में चलाया जाए तो बार-बार मेड़ आएगी, जिससे ट्रैक्टर को बार-बार घुमाना पड़ेगा और हर बार मोड़ते वक्त ज्यादा डीजल खर्च होता है। वहीं, खेत की लंबाई में ट्रैक्टर चलाने से कम घुमाव होंगे और काम भी जल्दी होगा, जिससे डीजल की अच्छी खासी बचत हो सकती है।
इन टिप्स को अपनाकर करें डीजल पर कंट्रोल
खेती में लागत कम करने के लिए किसानों को आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ उनकी दक्षता का भी ध्यान रखना होगा। सही दिशा में ट्रैक्टर चलाना, PTO का समझदारी से उपयोग और इंजेक्टर की समय पर जांच जैसे आसान से उपाय किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आज जब डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में इन छोटे मगर जरूरी उपायों को अपनाकर किसान बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत कर सकते हैं और अपनी आमदनी में इजाफा कर सकते हैं।
