कृषि समाचार

हिमाचल में 3 अक्टूबर से होगी धान की सरकारी खरीद, पंजीकरण शुरू

Government procurement of paddy in Himachal from October 3

शिमला: हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान की सरकारी खरीद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसानों के पंजीकरण के लिए एचपी एपीपी पोर्टल 15 सितंबर से खोल दिया गया है। किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार धान बेचने के लिए टोकन भी बुक कर सकते हैं। प्रदेश में धान की सरकारी खरीद 3 अक्टूबर से शुरू होकर 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की निदेशक कुमुद सिंह ने बताया कि इस सीजन में धान खरीदने के लिए प्रदेश के चार जिलों में कुल 11 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इनमें कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर जिले शामिल हैं। किसान इन निर्धारित केंद्रों पर अपनी धान की उपज बेच सकेंगे।

एग्रीस्टैक से भी किसान करा सकेंगे पंजीकरण

इस बार किसानों को एग्रीस्टैक की किसान पंजी से एचपी एपीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सुविधा भी दी गई है। इस व्यवस्था के तहत किसान की व्यक्तिगत जानकारी और जमीन से संबंधित विवरण किसान पंजी से ऑनलाइन प्राप्त किया जाएगा।

जमीन सत्यापन की प्रक्रिया होगी आसान

किसान पंजी के माध्यम से पंजीकरण कराने वाले किसानों को जमीन के सत्यापन के लिए पटवारी की प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। हालांकि, बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी किसानों को स्वयं दर्ज करनी होगी। विभाग का मानना है कि किसान पंजी से जुड़ी व्यवस्था के कारण पंजीकरण और जमीन सत्यापन की प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी तथा किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जुड़ने में सुविधा मिलेगी।

किसान पंजी में नाम नहीं तो अपनानी होगी पुरानी प्रक्रिया

जिन किसानों का नाम एग्रीस्टैक की किसान पंजी में दर्ज नहीं है, उन्हें एचपी एपीपी पोर्टल पर पहले की तरह अपनी पूरी जानकारी दर्ज करके पंजीकरण कराना होगा।

पटवारी करेगा जमीन का ऑनलाइन सत्यापन

ऐसे किसानों के मामले में जमीन का ऑनलाइन सत्यापन पटवारी द्वारा किया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी किसान की उपज से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इसके बाद किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सरकारी खरीद केंद्र पर अपनी धान की फसल बेच सकेंगे।

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल

केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले सीजन की तुलना में 72 रुपये अधिक है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज निर्धारित सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं। कुमुद सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दें। साथ ही किसानों को अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित करने को कहा गया है।

किशाऊ विद्युत परियोजना से हिमाचल को आय की उम्मीद

इसी बीच नई दिल्ली में मंगलवार को किशाऊ विद्युत परियोजना को लेकर विभिन्न राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया कि इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष करीब 1,200 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना के तहत राज्य को 211 मेगावाट बिजली की लागत वहन नहीं करनी होगी। परियोजना से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात भी कही गई है।

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