लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने विकसित यूपी 2047 विजन के तहत राज्य को वर्ष 2047 तक कई मामलों में समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि यदि अगले 22 वर्षों में ग्रामीण अवसंरचना और कृषि उत्पादकता में बड़े पैमाने पर सुधार किया गया तो प्रदेश न केवल आत्मनिर्भर होगा बल्कि 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर भारत की विकास यात्रा में अहम योगदान देगा। योगी सरकार ने 2030 तक का रोडमैप तय किया है, जिसमें लक्ष्य है कि प्रदेश के गांव केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि उत्पादकता और निर्यात में भी अग्रणी बनें। इसके लिए सीड पार्क, उन्नत बीज, फसल विविधिकरण और फूड प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाएगा।
क्या है विकसित यूपी 2047 विजन?
सरकार ने दीर्घकालिक लक्ष्य तय किया है जिसके तहत 2047 तक अनाज, फल और सब्जियों की उत्पादकता को विश्वस्तरीय स्तर पर ले जाया जाएगा। इसके लिए आधुनिक कृषि अनुसंधान और नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दुग्ध और अंडा उत्पादन में यूपी को विश्व में शीर्ष पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पशुधन विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना भी की जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में अंडा उत्पादन में विश्व में चीन पहले स्थान पर है, अमेरिका दूसरे पर और भारत तीसरे स्थान पर है।
देसी गायों की डेयरी खोलने पर 11.80 लाख की सब्सिडी
योगी सरकार लगातार देसी गायों के संरक्षण और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत देसी गायों की डेयरी खोलने पर किसानों को 11.80 लाख रुपये तक की सरकारी मदद मिलेगी। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा और दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
नई इकाइयों से बढ़ेगा दूध उत्पादन
राज्य में कई डेयरी और पशु आहार इकाइयों को व्यावसायिक रूप से लाभकारी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कानपुर डेयरी प्लांट: 160.84 करोड़ रुपये की लागत, 4 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता।
गोरखपुर प्लांट: 61.80 करोड़ रुपये की लागत, 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता।
कन्नौज प्लांट: 88.05 करोड़ रुपये की लागत, 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता।
अम्बेडकरनगर पशु आहार संयंत्र: 18.44 करोड़ रुपये की लागत, 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता।
पहले इन इकाइयों का संचालन पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब एनडीडीबी के सहयोग से इन्हें बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा।
अंडा उत्पादन को लेकर नई नीति
उत्तर प्रदेश में अंडे की खपत के मुकाबले उत्पादन कम है। इस वजह से राज्य को तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब और हरियाणा से अंडे मंगाने पड़ते हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु कुक्कुट विकास नीति 2022 लागू की है। इसके तहत:
मुर्गी फार्म खोलने पर युवाओं को मुफ्त बिजली कनेक्शन मिलेगा।
5 साल तक बिजली बिल माफ रहेगा।
बैंक से लोन दिलवाने में सरकार मदद करेगी और 7% तक ब्याज का भुगतान सरकार खुद करेगी।
2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
योगी सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने। यह भारत की अनुमानित जीडीपी का 20% होगा। इसके लिए 2025 से 2047 तक प्रदेश को लगातार 16% की विकास दर बनाए रखनी होगी। ग्रामीण अवसंरचना और कृषि उत्पादकता बढ़ने से किसानों की आय, खपत और निर्यात तीनों में वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि इन कदमों से प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक पहुंच सकती है और उत्तर प्रदेश भारत का सबसे मजबूत आर्थिक राज्य बनेगा।
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