जयपुर: राजस्थान में रबी सत्र के दौरान खाद की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने ताजा जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 1,05,584 मीट्रिक टन डीएपी और 3,63,969 मीट्रिक टन यूरिया का भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा करीब 35 हजार मीट्रिक टन डीएपी लेकर 14 रेल रैक रास्ते में हैं, जिनके 14 अक्टूबर 2026 तक पहुंचने की संभावना है। मौजूदा साप्ताहिक खपत के आधार पर उपलब्ध डीएपी का भंडार करीब 18 दिन और यूरिया का भंडार करीब 35 दिन तक पर्याप्त बताया गया है। सरकार का कहना है कि रबी की बुवाई के दौरान किसानों की मांग के अनुसार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति की जा रही है।
डीएपी की 14 रेल रैक जल्द पहुंचने की उम्मीद
कृषि मंत्री के अनुसार, प्रदेश में डीएपी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए करीब 35 हजार मीट्रिक टन खाद लेकर 14 रेल रैक परिवहन में हैं। इनके 14 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है। रबी सत्र में बुवाई की शुरुआत के साथ खाद की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रख रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को बुवाई के समय जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध हो और किसी क्षेत्र में अनावश्यक कमी की स्थिति न बने।
खरीफ सत्र में मांग से अधिक उपलब्ध कराया गया खाद
कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ सत्र 2026 में राजस्थान में डीएपी की मांग 5.10 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि इसके मुकाबले 5,44,995 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। इसी तरह यूरिया की मांग 11 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 17,15,814 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया। सरकार के अनुसार, खरीफ सत्र में मांग से अधिक खाद उपलब्ध कराने के बाद अब रबी सत्र के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। हालांकि, किसानों को समय पर खाद मिलना केवल कुल भंडार पर ही नहीं, बल्कि जिलों और खरीद केंद्रों तक इसके उचित वितरण पर भी निर्भर करेगा।
खाद की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर सख्ती
कृषि विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 11,770 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया है और खाद के 9,585 नमूने लिए हैं। अनियमितताएं सामने आने पर 1,238 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 64 उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री पर रोक लगाई गई और 128 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित या निरस्त किए गए। विभाग ने 25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और 11 गिरफ्तारियां भी हुई हैं। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य खाद की अवैध बिक्री, कालाबाजारी और निर्धारित उपयोग से अलग दिशा में खाद भेजने जैसी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाना है।
खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने का दबाव बनाने पर कार्रवाई
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री पर विक्रेताओं को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि डीएपी और यूरिया जैसी खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। कृषि विभाग इस तरह की जबरन बिक्री रोकने के लिए निगरानी कर रहा है। खाद का वितरण विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में कराया जा रहा है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा रहा है। किसान अपनी जरूरत और इच्छा के अनुसार इन उत्पादों को खरीदने तथा इस्तेमाल करने का फैसला कर सकते हैं।
सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाकर रखी जा रही नजर
राज्य के सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जहां से खाद की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण की निगरानी की जा रही है। सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर रबी सत्र में खाद की आपूर्ति जारी रखी जाएगी। किसानों के लिए जरूरी है कि वे खाद खरीदते समय निर्धारित मूल्य पर ही भुगतान करें और किसी अन्य उत्पाद को जबरन खरीदने के लिए कहे जाने पर संबंधित कृषि अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। रबी सत्र में खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध भंडार, रास्ते में आ रही खेप और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
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