लखनऊ: उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में सबसे आगे है। प्रदेश में लगभग 6 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आलू की खेती की जाती है और इस वर्ष भी पिछले साल की तरह आलू की अच्छी उपज होने की संभावना जताई जा रही है। उत्पादन में बढ़ोतरी के चलते उत्तर प्रदेश से देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी आलू की आपूर्ति की जाती है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अनुसार राज्य में आलू उत्पादन की स्थिति सुदृढ़ बनी हुई है और भंडारण क्षमता भी पर्याप्त है। ऐसे में किसानों को आलू की खुदाई, बिक्री और भंडारण की समुचित योजना बनाने की सलाह दी गई है।
मंडियों में नए आलू की आवक तेज
प्रदेश की मंडियों में नए आलू की आवक लगभग मध्य दिसंबर से शुरू हो चुकी है। नए आलू का छिलका पूरी तरह परिपक्व नहीं होने के कारण यह लंबे समय तक भंडारण योग्य नहीं होता और इसका उपयोग मुख्य रूप से भोजन के लिए किया जाता है। मंडियों में नए आलू की अधिक आवक होने से मांग और आपूर्ति के संतुलन पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव बाजार भाव पर देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में पर्याप्त है आलू भंडारण क्षमता
प्रदेश में वर्तमान में कुल 2,243 निजी कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता लगभग 192 लाख टन है। वर्ष 2025 में लगभग 159 लाख टन आलू का भंडारण किया गया था, जबकि करीब 33 लाख टन भंडारण क्षमता अभी भी उपलब्ध रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में आलू के भंडारण के लिए पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं। कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण का कार्य सामान्यतः मध्य फरवरी से प्रारंभ होता है।
किसानों को बिक्री और भंडारण को लेकर सलाह
इस संबंध में उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश के निदेशक भानु प्रकाश राम ने आलू उत्पादक किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी उपज की खुदाई, बिक्री और भंडारण की बेहतर योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि किसान बाजार भाव की स्थिति को देखते हुए आलू की बिक्री और भंडारण का निर्णय लें, ताकि उन्हें अपनी फसल से अधिक लाभ मिल सके।
देश के कुल आलू उत्पादन में यूपी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
आलू उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश देश का अव्वल राज्य है। यहां की जलवायु और मिट्टी आलू की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल उत्पादित होने वाले आलू में से लगभग 29.65 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में होता है। आलू उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर है।
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