नई दिल्ली: देशभर के किसानों के लिए मॉनसून को लेकर राहतभरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जुलाई की शुरुआत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे देश में प्रभावी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कई क्षेत्रों में व्यापक वर्षा का अनुमान जताया है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई में तेजी आने की उम्मीद है। खासकर उन किसानों को राहत मिलने की संभावना है, जो अब तक अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 25 जून से 1 जुलाई के बीच दक्षिणी प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। वहीं देश के अन्य क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
जुलाई के पहले सप्ताह में बढ़ सकती है वर्षा
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2 से 8 जुलाई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इस दौरान सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जिससे मॉनसून की हवाओं को मजबूती मिलेगी। इसका सीधा लाभ धान, सोयाबीन, मक्का, कपास और दलहनी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को मिल सकता है। जून महीने में वर्षा की कमी के कारण कई क्षेत्रों में कृषि कार्य प्रभावित हुए थे, लेकिन जुलाई की अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
कई राज्यों में भारी वर्षा के संकेत
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 29 जून से 6 जुलाई के बीच मध्य भारत, ओडिशा, विदर्भ, उत्तरी आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में मॉनसून सक्रिय रह सकता है। इसके अलावा पश्चिमी तटीय क्षेत्रों, कोंकण, मुंबई, गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में भी अच्छी वर्षा होने की संभावना है। हालांकि पूर्वी तमिलनाडु, उत्तरी गुजरात, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।
पंजाब और हरियाणा के किसानों को मिलेगी राहत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 6 से 13 जुलाई के बीच दक्षिणी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब तथा पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। इससे धान सहित खरीफ फसलों की रोपाई को गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में पर्याप्त वर्षा होने से किसानों की सिंचाई लागत कम हो सकती है और समय पर रोपाई पूरी करने में मदद मिलेगी।
जुलाई के अंत में कमजोर पड़ सकता है मॉनसून
हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने जुलाई के दूसरे पखवाड़े को लेकर कुछ चिंता भी जताई है। उनके अनुसार जुलाई के अंतिम दिनों और अगस्त की शुरुआत में देश के पश्चिमी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी तटीय क्षेत्रों और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में किसानों को मौसम के बदलते रुख पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
किसानों को समय रहते तैयारी पूरी करने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों से अपील की है कि संभावित अच्छी वर्षा को देखते हुए खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर लें। पर्याप्त वर्षा होने पर खेती के कार्यों में तेजी आएगी और फसलों की अच्छी बढ़वार की संभावना बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई के पहले सप्ताह में अनुमान के अनुरूप अच्छी वर्षा होती है, तो खरीफ मौसम की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा और किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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