कृषि पिटारा

Mandi Update: क्या हैं आलू के ताजा भाव, कहाँ मिली बेहतर कीमत?

Mandi Update potato prices

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026: मॉनसून के दौरान जहां अधिकांश सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं, वहीं आलू के थोक भाव अभी भी कई राज्यों की मंडियों में दबाव में बने हुए हैं। इससे बड़ी संख्या में आलू उत्पादक किसानों को लागत निकालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ मंडियों में बेहतर कीमत मिलने से किसानों को राहत भी मिली है। कृषि विपणन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 22 जुलाई के ताजा मंडी भाव में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की मंडियों में आलू का औसत भाव लगभग 400 रुपये से 3,300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक औसत कीमत महाराष्ट्र की कामठी मंडी में और सबसे कम मध्य प्रदेश की मुरैना मंडी में दर्ज की गई।

मध्य प्रदेश की मंडियों में सबसे कम भाव ने बढ़ाई चिंता

मध्य प्रदेश की कई मंडियों में आलू के भाव किसानों की लागत के मुकाबले काफी कम रहे। मुरैना मंडी में सबसे कम औसत भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। वहीं खंडवा, देवास और पोरसा जैसी मंडियों में भी कीमतें सीमित दायरे में रहीं।

सांवेर और मनावर में किसानों को मिली बेहतर कीमत

राज्य की सांवेर मंडी में औसत भाव 1,300 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि मनावर और बुरहानपुर में भी किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की औसत कीमत मिली। इससे इन क्षेत्रों के किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर लाभ मिलने की संभावना बनी।

पश्चिम बंगाल की मंडियों में लाल आलू ने दिलाई अच्छी कमाई

पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग और कर्सियांग मंडियों में लाल आलू का औसत भाव 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। बीरभूम और बोलपुर की मंडियों में भी किसानों को लगभग 1,000 रुपये प्रति क्विंटल का औसत मूल्य मिला।

कई मंडियों में कीमतें रहीं 700 से 900 रुपये के बीच

बांकुड़ा, कांदी, रायगंज, झाड़ग्राम और तमलुक जैसी मंडियों में आलू का औसत भाव 700 से 900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा। इससे स्पष्ट है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिला।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में भाव रहे स्थिर

उत्तर प्रदेश की अधिकांश मंडियों में आलू का औसत भाव 500 से 865 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। बरेली मंडी में सबसे अधिक औसत भाव मिला, जबकि आगरा, अलीगढ़, हाथरस और शिकोहाबाद जैसी मंडियों में कीमतें 500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहीं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहतर मिले दाम

शामली, मुजफ्फरनगर, वाराणसी और कोसीकलां की मंडियों में किसानों को 800 रुपये या उससे अधिक का औसत भाव मिला। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को अन्य क्षेत्रों की तुलना में कुछ बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ।

गुजरात की मंडियों में मजबूत बने रहे आलू के भाव

गुजरात की अधिकांश मंडियों में आलू के भाव अन्य राज्यों की तुलना में अधिक मजबूत रहे। वढवाण और पादरा मंडियों में औसत भाव 1,750 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। बिलीमोरा, खंभात और भुज की मंडियों में भी किसानों को अच्छी कीमत मिली।

कई मंडियों में 1,500 रुपये से अधिक का औसत भाव

भरूच, नवसारी और अन्य प्रमुख मंडियों में भी आलू के दाम मजबूत बने रहे। हालांकि राजकोट मंडी में औसत भाव राज्य में सबसे कम 945 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।

महाराष्ट्र की कामठी मंडी रही सबसे आगे

महाराष्ट्र की कामठी मंडी में आलू का औसत भाव 3,300 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो देशभर में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा भुसावल, वाई और अकलूज मंडियों में भी किसानों को 1,400 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल तक की अच्छी कीमत मिली।

किसानों के लिए क्या है संकेत

मंडी भाव बताते हैं कि इस समय विभिन्न राज्यों में आलू की कीमतों में बड़ा अंतर बना हुआ है। जिन क्षेत्रों में भाव कम हैं वहां किसानों को लागत निकालने में कठिनाई हो सकती है, जबकि बेहतर कीमत वाली मंडियां किसानों के लिए राहत लेकर आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में आवक, मौसम और मांग के आधार पर आलू के भाव में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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