कृषि पिटारा

गेहूं की फसल में खरपतवार पर नियंत्रण से उत्पादन में वृद्धि संभव

खेती में सुधार और उत्पादन में वृद्धि के लिए गेहूं की फसल में खरपतवार पर नियंत्रण करना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसान सही समय पर सही दवाओं का उपयोग करते हैं, तो न केवल फसल स्वस्थ रहेगी, बल्कि पैदावार में भी सुधार होगा।

गेहूं की फसल में खरपतवार की समस्या एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। यह न केवल फसल में पोषक तत्वों की कमी का कारण बनते हैं, बल्कि उत्पादन में भी कमी का कारण बनते हैं। प्रमुख रूप से गेहूं की फसल में सतनाशी, कृष्ण नील, वन गेहूं और पार्थेनियम जैसे खरपतवार होते हैं। इनसे निपटने के लिए किसानों को समय पर और सही तरीके से खरपतवारनाशी दवाओं का उपयोग करना चाहिए।

सल्फोसल्फ्यूरॉन 75% डब्लूजी से वन गेहूं, जंगली जई और आरी घास जैसे खरपतवार को नष्ट किया जा सकता है। इसका उपयोग करने के लिए 5 ग्राम सल्फोसल्फ्यूरॉन को 6 लीटर पानी और 500 मिलीलीटर सरफेक्टेंट में मिलाकर इस घोल को 120-200 लीटर पानी में मिलाकर गेहूं की बुआई के 30-35 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए। इसके विकल्प के रूप में क्लोडिनाफॉप प्रोपरजिल 15% डब्लूपी का 160 ग्राम प्रति एकड़ छिड़काव किया जा सकता है।

मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 20% डब्लूपी बथुआ, प्याजी, तीन पत्तियां और कृष्ण नील जैसे चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करने में मदद करता है। इसे उपयोग में लाने के लिए 8 ग्राम दवा को 6 लीटर पानी और 200 मिलीलीटर सरफेक्टेंट में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। गेहूं की बुआई के 25-35 दिन बाद प्रति एकड़ 120-200 लीटर पानी के साथ मिलाकर छिड़काव करें।

सल्फोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 75% + मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 5% डब्लूजी का मिश्रण वन गेहूं और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करने में मदद करता है। इसे उपयोग में लाने के लिए 16 ग्राम दवा को 500 मिलीलीटर सरफेक्टेंट और निर्धारित पानी के साथ मिलाकर छिड़काव करें।

2-4 डी ईथाइल ईस्टर 38% ईसी चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करने में सहायक है। इसका उपयोग करने के लिए 5 लीटर दवा को प्रति एकड़ पानी में मिलाकर गेहूं की बुआई के 30-35 दिन बाद छिड़काव करें।

खरपतवार नियंत्रण के मिश्रण का छिड़काव साफ मौसम में ही करना चाहिए। छिड़काव के लिए कट-नोजल, फ्लड-जेट नोजल या फ्लैट-फैन नोजल का उपयोग करना चाहिए। छिड़काव के दौरान खेत में कोई मानव या पशु गतिविधि नहीं होनी चाहिए। तेज हवा में या विपरीत दिशा में छिड़काव न करें। इसके अलावा, आंख, मुंह, हाथ और नाक की सुरक्षा के लिए फेस मास्क, दस्ताने और बूट का उपयोग किया जाना चाहिए।

इन दवाओं और सावधानियों के सही उपयोग से किसान न केवल अपनी गेहूं की फसल में खरपतवार से छुटकारा पा सकते हैं, बल्कि उत्पादन में भी वृद्धि देख सकते हैं।

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