मुंबई: महाराष्ट्र सरकार किसानों को अवैध साहूकारों के आर्थिक शोषण से बचाने के लिए नया और सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून के तहत बिना अनुमति के कर्ज देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त दंड का प्रावधान किया जाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसानों को गैरकानूनी साहूकारी के जाल से बाहर निकालना और उन्हें सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध कराना है। राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने विधानसभा में कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मामले की समीक्षा की है और किसानों को आर्थिक शोषण से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
अवैध साहूकारी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने कहा कि वर्तमान कानून में भी अवैध रूप से कर्ज देने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन सरकार अब इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया कानून तैयार कर रही है। उन्होंने विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अवैध साहूकारों की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का शोषण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विपक्ष ने उठाए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल
विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने कहा कि राज्य में पहले से कई कानून और जिला स्तरीय निगरानी समितियां मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध साहूकारी का कारोबार जारी है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि निगरानी समितियां प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं, जिसके कारण किसानों को अब भी निजी साहूकारों के चंगुल में फंसना पड़ रहा है। सदन में बिना अनुमति कर्ज देने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग के साथ कुछ सहकारी ऋण समितियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। इसके अलावा चेक अनादरण, धोखाधड़ी और जमीन हड़पने जैसे मामलों पर भी चर्चा हुई।
किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने पर जोर
सहकारिता मंत्री ने सदन को बताया कि वर्ष 2022 से अब तक निजी साहूकारों द्वारा लगभग 400 करोड़ रुपये का कर्ज किसानों को दिया गया है, जबकि इसी अवधि में बैंकों ने किसानों को 12,111 करोड़ रुपये का संस्थागत ऋण उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को अधिक से अधिक बैंकिंग प्रणाली और संस्थागत ऋण व्यवस्था से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें मजबूरी में निजी साहूकारों से कर्ज लेने की आवश्यकता न पड़े।
शिकायतों की होगी निष्पक्ष जांच
विधानसभा में कुछ चर्चित मामलों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें किसानों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और भूमि विवादों का मुद्दा उठाया गया। विपक्ष ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर सहकारिता मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस प्रस्तावित कानून से किसानों को उम्मीद है कि अवैध साहूकारी पर प्रभावी रोक लगेगी और उन्हें आर्थिक शोषण से राहत मिलेगी। अब सभी की नजरें इस नए कानून और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।
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