नई दिल्ली: अगर आप भी घर की छत या बालकनी में गार्डनिंग करते हैं और खुद की उगाई सब्जियां खाते हैं, तो आप लाखों-करोड़ों लोगों से बेहतर और सेहतमंद जीवन जी रहे हैं। घर की गार्डनिंग से मिलने वाली सब्जियां और फल पूरी तरह केमिकल और मिलावट मुक्त होते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
हालांकि गार्डनिंग आसान नहीं है। कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनके घर में लगाए पौधे सही तरह से फल नहीं देते। खासकर मिर्च के पौधे में फल न आने की समस्या आम है। इसका सबसे बड़ा कारण गलत जगह पर पौधा लगाना, जरूरत से ज्यादा पानी देना, पोषक तत्वों की कमी और खराब गुणवत्ता वाले बीज या पौध का इस्तेमाल करना होता है। अगर पौधा अंधेरे या ऐसी जगह रखा है जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचती, तो उसमें फूल और फल नहीं आएंगे। इसी तरह अधिक पानी देने से जड़ें कमजोर हो जाती हैं और फलन रुक जाता है। मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम की कमी भी पौधे को कमजोर कर देती है। वहीं, अगर पौधा भरोसेमंद नर्सरी से न लिया जाए तो उसमें फलने की क्षमता कम हो सकती है।
मिर्च के पौधे में फल लाने के लिए इसे ऐसी जगह रखना जरूरी है जहां रोजाना 6 से 7 घंटे सीधी धूप मिल सके। इससे पौधे को ग्लूकोज मिलेगा और फलन बढ़ेगा। हमेशा भरोसेमंद नर्सरी से ही बीज या पौधा खरीदना चाहिए। मिट्टी में पोषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए वर्मी कंपोस्ट या ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करना लाभकारी रहता है। गमले में पानी तभी डालना चाहिए जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखने लगे। इसके अलावा पौधे को लगाने के लिए पर्याप्त जगह वाला गमला इस्तेमाल करना चाहिए ताकि जड़ें आसानी से फैल सकें और पौधा स्वस्थ रह सके। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो मिर्च के पौधों में भरपूर फल आ सकते हैं और आपको घर बैठे ताज़ी, स्वादिष्ट और हेल्दी मिर्च मिल सकती है।
