नई दिल्ली: देश के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने और कृषि क्षेत्र को और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दे दी गई है। यह योजना अगले छह वर्षों तक लागू रहेगी और इसके तहत देश के 100 जिलों को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा। हर वर्ष 24,000 करोड़ रुपये की राशि इसके लिए आवंटित की गई है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से किसानों को फसल कटाई के बाद बेहतर भंडारण, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए जरूरी ढांचा और संसाधन उपलब्ध कराना है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, योजना से देश के करीब 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
भंडारण और सिंचाई व्यवस्था पर विशेष जोर
कई बार देखा गया है कि किसान फसल उगाने के बाद उन्हें सही ढंग से स्टोर नहीं कर पाते, जिससे उपज खराब हो जाती है, खासकर फल और सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों के मामले में। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है। इसके अलावा सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और सूखे या अनिश्चित बारिश के जोखिम को कम किया जा सके। इस दिशा में आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा।
36 योजनाओं को समाहित कर बना समग्र ढांचा
इस योजना को प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए सरकार ने कृषि से जुड़ी 36 मौजूदा योजनाओं को समाहित कर एक समग्र ढांचा तैयार किया है। इससे फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसान अब सिर्फ एक या दो फसलों पर निर्भर न रहकर, मौसम और बाजार की मांग के अनुसार कई तरह की फसलें उगा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
सस्ते ऋण और टिकाऊ खेती को मिलेगा बढ़ावा
सरकार इस योजना के माध्यम से किसानों को खेती के लिए सस्ते और आसान लोन उपलब्ध कराएगी। साथ ही, जैविक और प्राकृतिक खेती जैसी टिकाऊ पद्धतियों को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता पर भी काम किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक ठोस प्रयास
केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। बजट 2025 में घोषित इस योजना को अब आधिकारिक रूप से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रयास है जो किसानों की आर्थिक स्थिरता, खेती की स्थायित्व और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यदि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह योजना भारतीय कृषि व्यवस्था को एक नई दिशा और गति देने में सक्षम होगी।
