पटना: बिहार में खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों द्वारा उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। धान की नर्सरी डालने के साथ ही किसान खाद जुटाने में लगे हैं, जिससे दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण उर्वरकों की कमी की आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।
राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि राज्य में 30 जून तक की जरूरत के मुकाबले अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का भंडार आवश्यकता से ज्यादा है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के लिए भी जागरूक कर रही है, ताकि उत्पादन बेहतर हो और लागत नियंत्रित रहे।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। 3 जून तक अनियमितताओं के खिलाफ कई प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और बड़ी संख्या में लाइसेंस रद्द किए गए हैं। विभिन्न जिलों में जांच के दौरान कई दुकानों में गड़बड़ी पाई गई, जिन पर कानूनी कार्रवाई की गई है। इससे बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी
सीमावर्ती जिलों में उर्वरकों की अवैध निकासी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी तरह की तस्करी को रोका जा सके।
फ्लाइंग स्कॉड टीम की सक्रियता
राज्य स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार शिकायतों की जांच कर रहा है। जहां भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर और उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। बिहार में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ-साथ सख्त निगरानी व्यवस्था से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है और खरीफ सीजन की खेती सुचारु रूप से जारी रह सकेगी।
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