कृषि समाचार

एग्रो बिहार 2026 में कृषि यंत्रों की रिकॉर्ड खरीद, हजारों किसान पहुंचे

Agro Bihar 2026 farmers mela

पटना: राजधानी पटना के गांधी मैदान में 12 मार्च से शुरू हुआ कृषि मशीनीकरण मेला ‘एग्रो बिहार 2026’ रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। बिहार कृषि विभाग द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ के सहयोग से आयोजित इस चार दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी किसान इस मेले में पहुंचे और खेती में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनों तथा नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

395 कृषि यंत्रों की हुई खरीद

मेले के दौरान किसानों ने बड़ी संख्या में आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे। चार दिनों में कुल 395 कृषि यंत्रों की बिक्री दर्ज की गई। इन यंत्रों की कुल कीमत लगभग 4.78 करोड़ रुपये बताई गई है। किसानों को इन यंत्रों की खरीद पर सरकार की ओर से 1.85 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी प्रदान किया गया।

सरकार की इस योजना के तहत किसानों को कम कीमत पर आधुनिक मशीनें उपलब्ध हो सकीं, जिससे खेती का कार्य आसान और तेज हो जाता है। कृषि विभाग के अनुसार कृषि यंत्रीकरण से खेतों का काम कम समय में पूरा होता है और मजदूरी पर होने वाला खर्च भी कम हो जाता है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलता है।

मेले में उमड़ी किसानों की भीड़

एग्रो बिहार 2026 में किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। चार दिनों के दौरान 35 हजार से अधिक किसान और आम नागरिक मेले में पहुंचे। केवल अंतिम दिन ही लगभग 1840 किसानों ने मेले में भाग लिया। मेले में विभिन्न कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर किसानों ने कृषि यंत्रों का प्रदर्शन देखा और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। कई किसानों ने आधुनिक मशीनों को देखकर उन्हें खरीदने का निर्णय भी लिया।

खेती को आधुनिक बनाने पर जोर

समापन समारोह के दौरान बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह मेला केवल मशीनों की प्रदर्शनी नहीं बल्कि किसानों के लिए सीखने और नई तकनीक समझने का महत्वपूर्ण मंच था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेती को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। मशीनों के उपयोग से खेती में समय की बचत होती है और उत्पादन क्षमता भी बढ़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में कृषि को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें कृषि रोड मैप, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उन्नत बीज, बागवानी और कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी पहलें शामिल हैं।

पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि मेला

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि एग्रो बिहार मेला पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला माना जाता है। वर्ष 2011 से यह मेला लगातार आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी देना है, ताकि खेती को अधिक सरल, तेज और कम लागत वाली बनाया जा सके। मेले में खेती से जुड़े कई विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इनमें खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, गव्य विकास, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग शामिल रहे। इन स्टॉलों पर किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कृषि के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को मिला सम्मान

समापन समारोह में मेले में भाग लेने वाली कंपनियों और अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। बिरला टायर्स को प्रथम पुरस्कार दिया गया, जबकि दूसरा पुरस्कार हैवल्स इंडिया को और तीसरा पुरस्कार शक्तिमान एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट को प्रदान किया गया। एग्रो बिहार 2026 के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों की जानकारी मिली। इसके साथ ही कई किसानों ने नई मशीनें खरीदकर अपनी खेती को अधिक उन्नत और लाभकारी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।

ये भी पढ़ें: मार्च के महीने में ऐसे करें आम के बाग की देखभाल, बढ़ेगी पैदावार

Related posts

Leave a Comment