लखनऊ: प्रदेश में बेमौसम बारिश से किसानों को हो रही परेशानी को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को कई जनपदों में हुई बारिश के बाद जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि आपदा का असर किसानों पर कम से कम हो और किसी भी प्रकार की जनहानि, पशु हानि या चोटिल लोगों को चौबीस घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और प्रभावित लोगों को समय पर राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों को अलर्ट रहने और सर्वे तेज करने के निर्देश
सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त रूप से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे करने को कहा गया है, ताकि सही आंकलन कर जल्द से जल्द राहत राशि वितरित की जा सके। साथ ही शासन को समय पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया में देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के कारण जिन फसलों को नुकसान हुआ है, उनका जल्द से जल्द आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को बिना देरी सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और अन्नदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे लगातार फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लें। प्रभावित क्षेत्रों में जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करें और यह सुनिश्चित करें कि किसानों को समय पर उचित सहायता मिले। प्रमुख सचिव कृषि और राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में कार्यरत अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क में रहें और समन्वय बनाकर कार्य करें।
किसानों के लिए जरूरी सूचना और राहत प्रक्रिया
किसानों से भी अपील की गई है कि वे अपनी फसल के नुकसान की जानकारी प्रशासन को समय पर दें। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। यदि कटाई के बाद खलिहान में रखी फसल को नुकसान हुआ है, तो वह भी निर्धारित अवधि तक बीमा के दायरे में आती है। ऐसे किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर टोल फ्री नंबर पर सूचना दर्ज कराकर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पात्र किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
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