मुंबई: महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में गिरावट और लगातार उतार-चढ़ाव से परेशान किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस समस्या के समाधान के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है, जो किसानों को तात्कालिक राहत और दीर्घकालिक समाधान दोनों पर काम करेगी।
किसानों को राहत और स्थायी समाधान पर फोकस
सरकार द्वारा गठित समिति में कृषि, वित्त और विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति का पहला काम उन किसानों को तुरंत राहत देने के उपाय सुझाना है, जिन्हें कीमत गिरने से नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरा उद्देश्य भविष्य में प्याज की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए ठोस योजना तैयार करना है।
व्यापार में गड़बड़ियों पर सख्ती
सरकार ने माना है कि प्याज व्यापार में कई तरह की अनियमितताएं हैं, जिससे किसानों को सही दाम नहीं मिल पाता। बिचौलियों द्वारा कम कीमत पर खरीद और बाद में अधिक दाम पर बिक्री जैसी समस्याओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था बनाई जाएगी। साथ ही, निर्यात को बढ़ावा देकर बाजार में बेहतर कीमत सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
केंद्र के साथ मिलकर होगी रणनीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम किया जाएगा। जल्द ही इस संबंध में उच्च स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि नीति स्तर पर ठोस फैसले लिए जा सकें और किसानों को स्थायी राहत मिल सके।
फसल विविधीकरण पर जोर
समिति यह भी सुझाव देगी कि किसान केवल प्याज पर निर्भर न रहें। नासिक, पुणे, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे क्षेत्रों में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि किसानों की आय स्थिर बनी रहे और जोखिम कम हो।
नई व्यवस्था से मिलेगा सही दाम
सरकार का मानना है कि अगले दो से तीन वर्षों में मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाकर कीमतों में स्थिरता लाई जा सकती है। इसके लिए उत्पादन, भंडारण और विपणन व्यवस्था में सुधार किए जाएंगे। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द सुझाव प्रस्तुत करे, ताकि किसानों को तुरंत राहत मिल सके और भविष्य के लिए मजबूत रणनीति तैयार की जा सके। यह पहल राज्य के लाखों प्याज किसानों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है, जो लंबे समय से कीमतों में गिरावट के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
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