भोपाल: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर राज्य सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। सरकार ने गेहूं खरीद के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने के साथ ही फसलों पर बोनस देने का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने निवास स्थित समत्व भवन में किसान मंच के प्रतिनिधियों के साथ किसान कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
उड़द खरीदी पर मिलेगा 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक उड़द की खेती करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें इस बोनस का पूरा लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी समय पर हो सके।
गेहूं पर भी मिलेगा बोनस, 2625 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद पर राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी राहत दी है। वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद किसानों को गेहूं का कुल भुगतान 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने संकल्प पत्र में वर्ष 2028 तक गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के साथ उससे आगे भी बढ़ेगी।
गेहूं खरीदी पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का प्रमुख खाद्यान्न उत्पादक राज्य है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जियों का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। किसानों को आगे बढ़ाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार किसान हितैषी फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है, ताकि सभी पात्र किसान समय पर पंजीयन कर सकें।
सिंचाई के लिए दिन में मिलेगी बिजली
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की बिजली से जुड़ी शिकायतों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रात में सिंचाई करने से होने वाली परेशानियों और जोखिम से बचा जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों के हित में दिए गए सुझावों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी और जरूरत के अनुसार आवश्यक निर्णय भी लिए जाएंगे, ताकि प्रदेश के किसानों की आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि हो सके।
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