चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य के डेयरी किसानों को राहत देते हुए दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने मिल्कफेड से जुड़े किसानों के लिए दूध की कीमत में प्रति किलोग्राम वसा पर 20 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है। नई दरें 1 मई से लागू होंगी, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होने की उम्मीद है।
लाखों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से मिल्कफेड से जुड़े लगभग 2.5 लाख डेयरी किसानों को तुरंत फायदा होगा। सरकार का मानना है कि इससे डेयरी क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और सहकारी व्यवस्था पर किसानों का भरोसा और बढ़ेगा।
अन्य कंपनियों पर भी पड़ेगा प्रभाव
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मिल्कफेड क्षेत्र की अग्रणी संस्था है, इसलिए उसके द्वारा कीमत बढ़ाने से अन्य निजी और सहकारी दूध खरीदने वाली संस्थाओं पर भी दरें बढ़ाने का दबाव बनेगा। इससे राज्य के करीब 30 लाख डेयरी किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
दूध की कीमतों में इस बढ़ोतरी से पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी पहुंचने का अनुमान है। इससे गांवों में रोजगार, आय और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
डेयरी क्षेत्र को मिलेगा मजबूत आधार
मिल्कफेड उत्तर भारत की प्रमुख सहकारी दुग्ध संस्था मानी जाती है और दुग्ध उत्पादों के बाजार में इसकी मजबूत पकड़ है। यह निर्णय किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।
कीमत बढ़ोतरी की प्रमुख बातें
नई खरीद दर 1 मई 2026 से लागू होगी। इससे पहले अप्रैल में भी कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम वसा की वृद्धि की गई थी। हालिया फैसले से पहले राज्य में भैंस के दूध की दर लगभग 530 रुपये प्रति किलोग्राम वसा थी। सरकार और मिल्कफेड को उम्मीद है कि इस कदम से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और राज्य में डेयरी उद्योग को नई दिशा मिलेगी।
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