लखनऊ: उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में की ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को जरूर प्रभावित किया है, लेकिन गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया है। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं के लिए ठंड और कोहरा बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। यही वजह है कि जहां एक ओर लोग ठंड से परेशान हैं, वहीं गेहूं किसानों के चेहरे पर अच्छी पैदावार की उम्मीद साफ नजर आ रही है।
गेहूं की फसल के लिए वरदान है ठंड और कोहरा
रायबरेली के कृषि विशेषज्ञ विवेक कुमार यादव (एमएससी एग्रीकल्चर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) के अनुसार दिसंबर से फरवरी तक की कड़ाके की ठंड और हल्का संतुलित कोहरा गेहूं की फसल की वृद्धि और उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस मौसम में हल्का कोहरा फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
नमी और तापमान से बढ़ता है दाने का वजन
विशेषज्ञों के मुताबिक कोहरे में मौजूद नमी और अनुकूल तापमान गेहूं के दानों की वजनता बढ़ाने में मदद करता है। ठंडा और नमी युक्त वातावरण गेहूं की फसल के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, खासकर टीलरिंग स्टेज के दौरान। इस समय कोहरा पौधों पर किसी तरह का मौसमीय दबाव नहीं डालता, जिससे पौधे अधिक संख्या में कल्ले निकालते हैं और बालियों की संख्या बढ़ती है।
ग्रेन फिलिंग में भी मिलती है मदद
कोहरा ग्रेन फिलिंग के समय संतुलित तापमान बनाए रखने में भी सहायक होता है। इससे दानों का भराव बेहतर होता है और पैदावार की गुणवत्ता में सुधार होता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरा या हल्का पाला गेहूं की फसल के लिए एक तरह से सुरक्षा कवच का काम करता है।
वाष्पीकरण कम कर नमी बनाए रखता है कोहरा
कोहरा प्राकृतिक नमी का बड़ा स्रोत माना जाता है। यह हवा में लंबे समय तक स्थिर रहता है और धीरे-धीरे पौधों और मिट्टी की सतह पर जमता है। इससे वाष्पीकरण की गति कम होती है और खेत में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। यह स्थिति पौधों की वृद्धि, कल्ले बनने और जड़ों को मजबूत करने में सहायक होती है।
अधिक कोहरा बन सकता है नुकसानदायक
हालांकि कृषि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि जरूरत से ज्यादा घना और लंबे समय तक बना रहने वाला कोहरा नुकसानदायक हो सकता है। अत्यधिक नमी की स्थिति में फसल में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेने की जरूरत है। कुल मिलाकर संतुलित ठंड और हल्का कोहरा गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है और इससे किसानों को बेहतर उत्पादन और अच्छी आमदनी की उम्मीद रहती है।
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