नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों किसानों की निगाहें इस वक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। जून महीने की शुरुआत से ही किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार जल्द उनके खातों में दो हजार रुपये की अगली किस्त भेजेगी, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इसको लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है, ऐसे में यह सहायता राशि किसानों के लिए बेहद जरूरी हो गई है। पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किश्तों में दी जाती है। ये किश्तें चार-चार महीने के अंतराल पर आती हैं। इस योजना की पिछली यानी 19वीं किस्त फरवरी 2025 में किसानों के खातों में भेजी गई थी। सामान्य रूप से अगली किस्त जून में आती, लेकिन इस बार इसमें देरी हो गई है। अब उम्मीद की जा रही है कि जुलाई के पहले हफ्ते में सरकार 20वीं किस्त जारी कर सकती है।
जुलाई की शुरुआत के साथ देश में मॉनसून भी सक्रिय हो चुका है। किसानों के लिए यह समय खेती के लिहाज से बेहद अहम होता है। बीज, खाद और खेत की तैयारी में भारी खर्च होता है। ऐसे में पीएम किसान की किस्त न मिल पाने से किसानों में चिंता बढ़ गई है। कई किसान इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों से भी संपर्क कर रहे हैं। हालांकि कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक योजना से जुड़े पोर्टल पर आंतरिक गतिविधियां तेज हुई हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि किस्त पर निर्णय जल्द लिया जा सकता है।
किसान अपने खाते में किस्त आई है या नहीं, यह जानकारी पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर हासिल कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर “Know Your Status” सेक्शन में रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालकर किस्त की स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा “Know Your Registration Number” की मदद से OTP के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त किया जा सकता है। कई बार किसान को किस्त न मिलने की वजह अधूरी या गलत जानकारी भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि किसान अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया, आधार लिंकिंग और बैंक खाता विवरण की जांच समय-समय पर करते रहें। कुल मिलाकर खरीफ सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में किसान पीएम किसान योजना की अगली किस्त को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकार की ओर से जल्द राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। अगर जुलाई के पहले सप्ताह में यह किस्त जारी होती है, तो यह लाखों किसानों को समय पर खेती में मदद पहुंचा सकती है।
