यह एक विषाणु (वाइरस) रोग है, इस रोग का सबसे स्पष्ट लक्षण पत्तियों का नीचे या भीतर की ओर मुड़ना है। अन्य लक्षणों में कभी-कभी बाहरी बढ़वार के साथ पत्तियों की शिराओं का मोटा होना शामिल है। पत्तियाँ चमड़े जैसी तथा खुरदुरी हो जाती हैं तथा डंठलों में प्रायः मुड़ाव आ जाता है।
जैविक नियंत्रण : इस विषाणु को प्रसार करने से रोकने के लिए सफ़ेद तेल पायस (1%) का छिड़काव करें।
रासायनिक नियंत्रण : सफ़ेद मक्खियों की जनसंख्या को नियंत्रित करने से संक्रमण की तीव्रता कम की जा सकती है। बुआई के समय मिट्टी में डाईमेथोटेट या मेटासिस्टोक्स के 10 दिनों के अंतराल पर पत्तियों पर 4-5 छिड़काव से सफ़ेद मक्खियों की जनसंख्या को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
Category:
Agri Business


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