कृषि समाचार

एमएसपी पर सख्ती, किसानों को उचित मूल्य दिलाने के निर्देश

MSP Shivraj Singh Chouhan agriculture NAFED

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ दिलाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में किसान अपनी उपज निर्धारित समर्थन मूल्य से कम पर बेचने को मजबूर नहीं होना चाहिए। इस बैठक में राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ को लक्ष्य आधारित और तेज खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मिशन के रूप में होगी फसल खरीद

बैठक में मंत्री ने कहा कि फसल खरीद को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानकर किसानों को उचित मूल्य दिलाने के मिशन के रूप में देखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जिन क्षेत्रों में बाजार मूल्य समर्थन मूल्य से नीचे है और खरीद धीमी है, वहां की स्थिति स्वीकार्य नहीं होगी। जिला स्तर तक लक्ष्य तय करने, संभावित आवक का आकलन करने और जमीनी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

दलहन और तिलहन फसलों पर विशेष ध्यान

सरकार ने चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी फसलों की खरीद पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में किसानों को कम कीमत मिल रही है, वहां तुरंत खरीद बढ़ाई जाए। साथ ही उपार्जन केंद्रों की संख्या और उनकी क्षमता की रोजाना समीक्षा करने के लिए कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।

72 घंटे के भीतर भुगतान अनिवार्य

किसानों को भुगतान में देरी को गंभीर मुद्दा मानते हुए मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि खरीद के बाद अधिकतम 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया तैयार करने और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर उसे प्रभावी रूप से लागू करने को कहा गया।

राज्यों की समस्याओं पर केंद्र का हस्तक्षेप

समीक्षा बैठक में विभिन्न राज्यों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं, जिनमें भुगतान में देरी, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था की कमी और आंकड़ों के लंबित रहने जैसी चुनौतियां शामिल थीं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि राज्य स्तर पर कोई प्रशासनिक बाधा आती है, तो केंद्र सरकार सीधे हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करेगी।

उत्पादन लक्ष्य से जुड़ा भरोसा

मंत्री ने कहा कि दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तभी सफल होगा, जब किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीद का पूरा भरोसा मिलेगा। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे समस्याओं की सूची तैयार कर समाधान के साथ प्रस्तुत करें और वर्तमान मौसम में खरीद प्रदर्शन में स्पष्ट सुधार दिखाएं।

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