करनाल: उत्तर प्रदेश से हरियाणा की अनाज मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे किसानों को सीमा पर रोकने के मामले सामने आए हैं। करनाल के मंगलोरा पुलिस चौकी पर बने चेकपॉइंट पर कई ट्रैक्टर-ट्रेलर खड़े कर दिए गए, जिससे मंडियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, तभी मिलेगी एंट्री
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं किसानों को हरियाणा की मंडियों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनकी फसल ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत है। गेहूं की आवक को नियंत्रित करने के लिए सीमा पर दो चेकपॉइंट बनाए गए हैं, जहां कड़ी निगरानी की जा रही है।
24 घंटे तैनात हैं मजिस्ट्रेट
जिला प्रशासन के अनुसार दोनों नाकों पर चौबीसों घंटे ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि बिना पंजीकरण वाले किसानों को प्रवेश न दिया जाए, ताकि मंडियों में भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके।
किसानों ने लगाए भेदभाव के आरोप
किसानों का कहना है कि नियमों को लागू करने में असमानता बरती जा रही है। कुछ किसानों का आरोप है कि बिना कागजात की जांच के कुछ गाड़ियों को अंदर जाने दिया गया, जबकि अन्य को घंटों तक रोका गया। कई किसानों ने तकनीकी समस्याओं और जानकारी की कमी का हवाला देते हुए नाराजगी जताई।
सीमा विवाद से बढ़ी दिक्कत
कई ऐसे किसान भी प्रभावित हुए हैं, जिनकी जमीन उत्तर प्रदेश में है लेकिन वे हरियाणा के निवासी हैं और अपनी उपज वहीं बेचना चाहते हैं। ऐसे किसानों का कहना है कि उनके पारंपरिक बाजार हरियाणा की मंडियां हैं, इसलिए उन्हें वहां बिक्री की अनुमति मिलनी चाहिए।
प्रशासन ने दी सफाई
प्रशासन का कहना है कि केवल पोर्टल पर पंजीकरण की जांच के बाद ही वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कुछ गांव भौगोलिक रूप से भले ही दूसरे राज्य में हों, लेकिन यदि उनका पंजीकरण पोर्टल पर है तो उन्हें अनुमति दी जाएगी।
समाधान की मांग तेज
इस पूरे मामले के बाद किसानों ने सरकार से नियमों में लचीलापन बरतने और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर बिक्री न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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