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हरियाणा बजट 2026-27: विकास और सामाजिक क्षेत्र पर जोर

Haryana Budget 2026-27 farmer

चंडीगढ़: नायब सिंह सैनी ने सोमवार को बतौर वित्तमंत्री विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट (हरियाणा बजट 2026-27) पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य का कुल व्यय 2025-26 के संशोधित अनुमान 2,02,816.66 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 2,23,658.17 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। यह करीब 10.3 प्रतिशत की वृद्धि है, जो विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन को दर्शाती है।

कृषि और सहकारिता पर विशेष फोकस

सरकार ने कृषि एवं संबद्ध सेवाओं का बजट 7,651.13 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8,319.77 करोड़ रुपये कर दिया है, जो 8.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के बजट में 562.19 करोड़ से बढ़ाकर 741.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो लगभग 32 प्रतिशत अधिक है। सहकारिता विभाग के लिए 1,156.37 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,970 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

शिक्षा, खेल और युवाओं को प्राथमिकता

शिक्षा और खेल क्षेत्र के लिए 21,368.10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 23,603.69 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो 10.46 प्रतिशत अधिक है। युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के बजट में 37.29 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 1,512.21 करोड़ रुपये कर दिया गया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 11,507.11 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 14,007.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 21.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।

सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण

सामाजिक न्याय, पिछड़ा वर्ग एवं अंत्योदय विभाग का बजट 14,905.24 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 17,250.72 करोड़ रुपये किया गया है, जो 15.74 प्रतिशत अधिक है। महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 14.91 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 2,263.29 करोड़ रुपये किया गया है।

ग्रामीण और शहरी विकास पर जोर

ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का बजट 7,083.17 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8,703.74 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 22.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नगर एवं ग्राम नियोजन तथा शहरी निकायों के बजट में 5,444.31 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6,797.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 24.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

अन्य प्रमुख विभागों का प्रावधान

गृह, नागरिक सुरक्षा एवं कारागार विभाग का बजट 8,475 करोड़ रुपये, राजस्व विभाग 4,024 करोड़ रुपये, उद्योग विभाग 1,950 करोड़ रुपये, खेल विभाग 2,200.63 करोड़ रुपये और ऊर्जा विभाग 6,868 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के लिए 5,893 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग के लिए 3,542 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग के लिए 6,446 करोड़ रुपये और आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए 77,950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने पर्यटन विभाग के बजट में 105 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे 380 करोड़ रुपये किया है, जबकि आवास विभाग को 2,424 करोड़ रुपये और नगर नियोजन को 556 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कुल मिलाकर यह बजट कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास पर केंद्रित दिखाई देता है, जिससे राज्य की समग्र प्रगति को गति देने का प्रयास किया गया है।

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