कृषि समाचार

यूपी में 1 नवंबर से शुरू होगी धान की सरकारी खरीद

Government procurement of paddy will start in UP from November 1

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई मंडलों में 1 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। इस बार केंद्र सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। वहीं, राज्य सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनके लिए छाया, पीने के पानी तथा बैठने की उचित व्यवस्था की जाए।

धान का नया एमएसपी कितना मिलेगा?

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत किसानों को सामान्य धान के लिए 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे। इसके अलावा उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अलग से दिए जाएंगे।

65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस साल 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। पिछले खरीफ विपणन वर्ष में प्रदेश में 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इस बार 8 सरकारी क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 केंद्रों पर खरीद की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तक 4195 क्रय केंद्र खोले जा चुके थे।

48 घंटे में किसानों को मिलेगा भुगतान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों से धान खरीदने के बाद 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाए। खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और किसानों को सीधे सरकारी व्यवस्था के तहत अपनी उपज बेचने का अवसर मिले।

इन मंडलों में 1 नवंबर से होगी खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभागों में 1 नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी। इसके अलावा लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी इसी तारीख से सरकारी खरीद की जाएगी। इन क्षेत्रों में 28 फरवरी 2027 तक खरीद जारी रहेगी।

धान बेचने के लिए किसान ऐसे कराएं पंजीकरण

सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। अब तक 38 हजार से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है या पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी

धान खरीद केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी होने पर किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। इस बार सरकार का जोर खरीद लक्ष्य बढ़ाने के साथ किसानों को उचित मूल्य, समय पर भुगतान और क्रय केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।

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