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Farmer ID: अब तक 7.64 करोड़ से अधिक किसान जुड़े

Farmer ID

नई दिल्ली: कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा डिजिटल इंडिया अभियान के तहत वर्ष 2025 में लॉन्च की गई Farmer ID किसानों के लिए एक बड़ी क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है। यह एक डिजिटल कार्ड है, जिसमें किसान से जुड़ी जमीन, फसल, परिवार, मिट्टी की गुणवत्ता और पशुधन तक की सभी जानकारी सुरक्षित रूप से दर्ज रहेगी। इस डिजिटल प्रोफाइल के माध्यम से किसान किसी भी कृषि योजना का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। मंत्रालय ने इसे किसानों के लिए “ATM कार्ड” जैसा बताया है, जिसका उपयोग वे अपनी कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान और लाभ उठाने में कर सकेंगे।

7.64 करोड़ किसान जुड़ चुके Farmer ID से

Farmer ID न केवल किसानों की व्यक्तिगत और कृषि संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखती है, बल्कि सरकारी योजनाओं में दस्तावेज़ जमा कराने की जटिल प्रक्रिया से भी छुटकारा दिलाती है। पहले किसानों को हर योजना के लिए अलग-अलग कागजात देने पड़ते थे, जबकि अब Farmer ID से यह प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। इसके महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़ रहे हैं। अब तक देश में 7.64 करोड़ से अधिक Farmer ID बन चुकी हैं।

1.93 करोड़ महिला किसान भी शामिल

डिजिटल कृषि मिशन के तहत Farmer ID में सभी श्रेणियों के किसानों को शामिल किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी हैं। किसान रजिस्ट्री ऐप के माध्यम से काश्तकार (बटाईदार) और पट्टेदार (लीज़ पर खेती करने वाले) किसानों को भी जोड़ा जा सकता है। हर राज्य अपनी नीति के तहत तय करेगा कि वह इन वर्गों को रजिस्ट्री में शामिल करे या नहीं। 27 नवंबर 2025 तक कुल 7,63,72,702 Farmer ID बनाई जा चुकी हैं, जिनमें से 1.93 करोड़ महिला किसान हैं।

Farmer ID के बड़े फायदे

Farmer ID किसानों के लिए एक केंद्रीकृत सुविधा बनती जा रही है, जिसके कई लाभ सीधे किसान को मिलते हैं:

Farmer ID क्यों ज़रूरी है?

भविष्य में केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं का लाभ उठाने के लिए Farmer ID अनिवार्य हो जाएगी।

सरकार का मानना है कि Farmer ID, कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने, किसानों को तकनीक से जोड़ने और सरकारी लाभों को सीधे उचित व्यक्ति तक पहुंचाने में एक बड़ा टूल साबित होगी। यह डिजिटल कार्ड आने वाले वर्षों में खेती-बाड़ी को स्मार्ट, सुरक्षित और अधिक लाभदायक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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