नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के करीब 32 जिलों में बड़े स्तर पर पानी की कमी बनी हुई है। महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुका यानी करीब 80 प्रतिशत तालुका सूखे से प्रभावित हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पेयजल और पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो सकती है।
केंद्र को सौंपा अग्रिम प्रस्ताव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह को राज्य सरकार की ओर से तैयार अग्रिम प्रस्ताव सौंपा। उन्होंने केंद्र से जल्द केंद्रीय टीम महाराष्ट्र भेजकर जमीनी स्तर पर सूखे और फसल नुकसान का आकलन कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्रीय टीम 8 से 11 अक्टूबर के बीच महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी और मौके पर सूखे तथा फसल नुकसान की स्थिति का जायजा लेगी। अमित शाह राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से जुड़े मामलों और सूखा सहायता प्रस्तावों पर विचार करने वाले अंतर-मंत्रालयी समूह के अध्यक्ष हैं।
किसानों को राहत देने की तैयारी
फडणवीस ने कहा कि केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता मिलने में समय लग सकता है, इसलिए महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय सहायता का इंतजार किए बिना अपने संसाधनों से प्रभावित किसानों को राहत देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का आकलन पूरा होते ही प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।
23 हजार गांवों में फसल नुकसान का सर्वे पूरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 23 हजार गांवों में फसल नुकसान का सर्वे पूरा किया जा चुका है। बाकी क्षेत्रों में भी सर्वे और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सामान्य तौर पर सूखे की घोषणा नवंबर के अंत या दिसंबर में की जाती थी, लेकिन इस बार किसानों की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सितंबर के अंत में ही सूखे की घोषणा कर दी। इसके साथ ही राहत प्रक्रिया भी पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने जल्द आकलन में मदद की
फडणवीस ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सूखे की जानकारी सामने आने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र से जल्द सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
अंतिम रिपोर्ट से पहले अंतरिम रिपोर्ट की अनुमति
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने केंद्रीय टीम भेजने की प्रक्रिया तेज करने के लिए महाराष्ट्र को अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना अंतरिम रिपोर्ट भेजने की अनुमति दी है। इसके आधार पर केंद्रीय टीम महाराष्ट्र का दौरा कर सकती है। बाद में जरूरत पड़ने पर अंतिम रिपोर्ट में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे।
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