पुरी: भारत की कृषि प्रणाली को जमीनी स्तर पर बदलने और किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों को सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की शुरुआत कर दी है। इस 15 दिवसीय महाअभियान का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को ओडिशा के पुरी से किया। इस अभियान का मकसद ‘लैब टू लैंड’ यानी वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं से निकलकर खेती की जमीन तक कृषि नवाचारों को पहुंचाना है, ताकि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की आमदनी में इजाफा किया जा सके।
चौहान करेंगे 20 राज्यों का दौरा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस अभियान के तहत स्वयं 20 से अधिक राज्यों का दौरा करेंगे और किसानों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा, “यह केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, यह किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा रिश्ता जोड़ने की एक क्रांतिकारी पहल है।” चौहान ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि शुक्रवार से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के वैज्ञानिक देशभर के गांवों में जाकर किसानों से संवाद शुरू करेंगे।
16 हजार वैज्ञानिक उतरे मैदान में
अभियान के दौरान 16,000 वैज्ञानिकों की टीमें देश के कोने-कोने में किसानों से मुलाकात करेंगी। इसके लिए 2,170 टीमें गठित की गई हैं जो एक दिन में दो-दो गांवों का दौरा करेंगी। ये टीमें किसानों को उनके इलाके की जलवायु, मिट्टी की स्थिति और स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए फसल की वैरायटी, उर्वरक के संतुलन, प्राकृतिक खेती, दलहन और तिलहन की खेती आदि पर मार्गदर्शन देंगी। इस अभियान में ‘दो-तरफा संवाद’ की रणनीति अपनाई जा रही है। एक ओर वैज्ञानिक नई तकनीकों और रिसर्च की जानकारी साझा करेंगे, वहीं दूसरी ओर किसानों की जमीनी चुनौतियों और जरूरतों को समझा जाएगा, जिससे भविष्य में अनुसंधान को और प्रासंगिक और क्षेत्र-विशिष्ट बनाया जा सके।
12 जून तक देशभर के 700+ जिलों में पहुंचेगा अभियान
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ 29 मई से 12 जून 2025 तक चलेगा। यह अभियान देश के 700 से अधिक जिलों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 731 कृषि विज्ञान केंद्र, 113 आईसीएआर संस्थान, और राज्य सरकारों के कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों के अधिकारी भाग लेंगे। नवोन्मेषी किसान, अनुसंधानकर्ता और कृषि अधिकारी मिलकर जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में काम करेंगे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
चौहान ने जताई राज्यों से सहयोग की अपेक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य सरकारों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने सभी राज्यों से “सामूहिक स्वामित्व और समर्पण की भावना” के साथ जुड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा, “यह अभियान केवल फसलों या तकनीक का नहीं है, यह एक आंदोलन है — किसानों को सशक्त करने, उनकी आमदनी बढ़ाने और भारतीय कृषि को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का। हम सबको इसमें भागीदार बनना है।”
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ एक व्यापक और महत्वाकांक्षी पहल है, जो वैज्ञानिक नवाचार को खेतों तक पहुंचाने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का कार्य करेगी। केंद्र सरकार का यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगा, बल्कि भारतीय कृषि को आत्मनिर्भर और सतत विकास की राह पर भी अग्रसर करेगा।
